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कर्ज से दबे दूकानदार ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:52 PM IST
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घोसी कोतवाली क्षेत्र के अमिला बाजार निवासी दूकानदार शनिवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। मकान की छत से लटके दूकानदार के शव को उसकी पत्नी ने देखा। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृत युवक सुविंद्र गुप्ता (35) अमिला बाजार के पूर्वी मोहल्ले का रहने वाला था। वह चार भाइयों में सबसे छोटा था। बताया जाता है कि सुविंद्र अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बाजार में जनरल स्टोर की दूकान खोला था। सुविंद्र की पत्नी आरती ने बताया कि शनिवार की रात उसके पति नित्य की भांति दूकान बंद किए।
भोजन आदि करने के बाद वह सोने चले गए। आरती की माने तो वह सुबह सो कर उठने के बाद जब झाड़ू लगाने गई तो सीढ़ी के ऊपर पति के शव को फंदे से लटते देखी। यह दृश्य देख वह दहाड़े मारकर रोने लगी। इस दौरान जुटी भीड़ ने घटना की सूचना पुलिस को दिया। बताते चले सुविंद्र के परिवार में उसकी पत्नी आरती के अलावा दो पुत्रियां संजना (7) और रंजना (5) के साथ एक पुत्र अंश (2) है। मृत युवक चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है।
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बताते चले सुविंद्र का बड़ा भाई सुरेंद्र 10 वर्ष पूर्व अज्ञात कारणों से जहर खाकर आत्महत्या कर लिया था। इसके अलावा उसके दो बड़े भाई संजय और संतोष जो अलग रहतें हैं। पूछताछ में पाया गया कि आत्महत्या करने वाला सुविंद्र काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक घोसी की शाखा से 5 लाख तथा पत्नी के नाम पर इसी बैंक की अमिला शाखा से 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। इसके अलावा उसके ऊपर बिजली विभाग का 36 हजार रुपये का बकाया था। इस समय विभाग के अधिकारी उस पर बकाया बिल जमा करने के लिए दबाव बना रहे थे।
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मृत युवक सुविंद्र गुप्ता (35) अमिला बाजार के पूर्वी मोहल्ले का रहने वाला था। वह चार भाइयों में सबसे छोटा था। बताया जाता है कि सुविंद्र अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बाजार में जनरल स्टोर की दूकान खोला था। सुविंद्र की पत्नी आरती ने बताया कि शनिवार की रात उसके पति नित्य की भांति दूकान बंद किए।
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भोजन आदि करने के बाद वह सोने चले गए। आरती की माने तो वह सुबह सो कर उठने के बाद जब झाड़ू लगाने गई तो सीढ़ी के ऊपर पति के शव को फंदे से लटते देखी। यह दृश्य देख वह दहाड़े मारकर रोने लगी। इस दौरान जुटी भीड़ ने घटना की सूचना पुलिस को दिया। बताते चले सुविंद्र के परिवार में उसकी पत्नी आरती के अलावा दो पुत्रियां संजना (7) और रंजना (5) के साथ एक पुत्र अंश (2) है। मृत युवक चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है।
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बताते चले सुविंद्र का बड़ा भाई सुरेंद्र 10 वर्ष पूर्व अज्ञात कारणों से जहर खाकर आत्महत्या कर लिया था। इसके अलावा उसके दो बड़े भाई संजय और संतोष जो अलग रहतें हैं। पूछताछ में पाया गया कि आत्महत्या करने वाला सुविंद्र काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक घोसी की शाखा से 5 लाख तथा पत्नी के नाम पर इसी बैंक की अमिला शाखा से 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। इसके अलावा उसके ऊपर बिजली विभाग का 36 हजार रुपये का बकाया था। इस समय विभाग के अधिकारी उस पर बकाया बिल जमा करने के लिए दबाव बना रहे थे।