मऊ। बारिश नजदीक है। लेकिन नगर में नालों की सफाई का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इनके जाम होने से शहर में जलभराव से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में मानसून के नजदीक आने से इलाकाई लोग बेचैन हो गए हैं। उधर, विभागीय अधिकारी 85 प्रतिशत नालों की सफाई होने का दावा कर रहे हैं। जबकि हकीकत इससे इतर है। नगरपालिका में 42 वार्ड हैं। लेकिन अभी इन क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या के मद्देनजर नालों तथा सार्वजनिक नालियों की साफ सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। जबकि इसे बरसात से पूर्व हो जाना चाहिए था। पालिका क्षेत्र में छोटे बड़े 58 नाले हैं। पालिका की तरफ से 22 नालों की सफाई के लिए टेंडर किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 85 प्रतिशत सफाई कार्य पूरा हो गया है। हालत यह है कि साफ सफाई न होने से गाजीपुर तिराहा रोड स्थित नाला सहित अधिकांश वार्डों में सार्वजनिक नालियां जाम हैं। बरसात में निजामुद्दीनपुरा, संस्कृत पाठशाला, मुंशीपुरा, रघुनाथपुरा, बहादुरगंज रोड, दक्षिणटोला महरनिया, तहसील सदर के पास कई जगहों पर जलजमाव होना आम बात है। ऐसे में यदि सफाई नहीं होती है तो लोग इसी जलभराव के बीच आवागमन को मजबूर होंगे। अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि 85 प्रतिशत नालों के सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। बरसात से पूर्व सफाई कार्य पूरा कर लिया जाएगा।