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विद्युतीकरण के लिए तोड़ा गया फुट ओवरब्रिज अब तक नहीं बना
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मऊ तथा इंदारा जंक्शन पर दो साल पहले विद्युतीकरण के लिए बाधा बन रहे एक-एक फुट ओवरब्रिज को तोड़ दिया गया था। विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा हो चुका लेकिन अब तक दोबारा दूसरा फुट ओवरब्रिज नहीं बनाया गया है। जंक्शन होने के चलते दोनों जगहों पर अधिकांश ट्रेनों का ठहराव होता है और काफी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ओवरब्रिज नहीं होने के कारण प्लेटफार्म पर आने जाने के लिए यात्री जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के ग्रेड ए-वन मऊ जंक्शन पर करीब 23 जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही रहती है। संक्रमण काल होने के बाद वर्तमान में यहां से प्रतिदिन तीन से चार हजार की संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। रेलवे की ओर से करीब दो दशक पूर्व प्लेटफार्म एक से प्लेटफार्म दो तथा तीन पर जाने के लिए फुटओवर ब्रिज बनाया था। दो वर्ष पूर्व शुरू हुए विद्युुतीकरण के दौरान फुटओवर ब्रिज को इंजीनियरों की टीम ने कम ऊंचाई के चलते बाधा पड़ने पर तोड़वा दिया था। लेकिन विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अब तक इसे नहीं बनाया जा सका है। ऐसे में यात्रियों को प्लेटफार्म एक से प्लेटफार्म दो, तीन और चार पर जाने के लिए प्लेटफार्म एक के अंतिम छोर में बने दूसरे फुट ओवरब्रिज से आवाजाही करना पड़ रहा है।
वहीं कई यात्री समय तथा परेशानी से बचने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंच रहे हैं। इससे भी ज्यादा समस्या इंदारा जंक्शन पर है। यहां पर बने एक मात्र फुटओवर ब्रिज को भी दो वर्ष पूर्व विद्युतीकरण के दौरान ऊंचाई कम होने के चलते बाधा बनने पर तोड़ दिया गया था। ऐसे में यहां यात्री रेलवे ट्रैक पार करने को विवश है।
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पूर्वोत्तर रेलवे के ग्रेड ए-वन मऊ जंक्शन पर करीब 23 जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही रहती है। संक्रमण काल होने के बाद वर्तमान में यहां से प्रतिदिन तीन से चार हजार की संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। रेलवे की ओर से करीब दो दशक पूर्व प्लेटफार्म एक से प्लेटफार्म दो तथा तीन पर जाने के लिए फुटओवर ब्रिज बनाया था। दो वर्ष पूर्व शुरू हुए विद्युुतीकरण के दौरान फुटओवर ब्रिज को इंजीनियरों की टीम ने कम ऊंचाई के चलते बाधा पड़ने पर तोड़वा दिया था। लेकिन विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अब तक इसे नहीं बनाया जा सका है। ऐसे में यात्रियों को प्लेटफार्म एक से प्लेटफार्म दो, तीन और चार पर जाने के लिए प्लेटफार्म एक के अंतिम छोर में बने दूसरे फुट ओवरब्रिज से आवाजाही करना पड़ रहा है।
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वहीं कई यात्री समय तथा परेशानी से बचने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंच रहे हैं। इससे भी ज्यादा समस्या इंदारा जंक्शन पर है। यहां पर बने एक मात्र फुटओवर ब्रिज को भी दो वर्ष पूर्व विद्युतीकरण के दौरान ऊंचाई कम होने के चलते बाधा बनने पर तोड़ दिया गया था। ऐसे में यहां यात्री रेलवे ट्रैक पार करने को विवश है।
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