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पुरानी पेंशन लागू करने की मांग
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 30 Jan 2016 11:10 PM IST
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना को लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को 16 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
संगठन के जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन प्रशासन तथा विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं कराया जा सका है।
शिक्षकों को एक अप्रैल 2005 से पूर्व प्रभावी पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। मृतक आश्रित को पूर्व की भांति न्यूनतम शैक्षिक अर्हता रखने पर शिक्षक के पद पर नियुक्ति देते हुए सेवारत प्रशिक्षण तथा सेवारत शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए अवसर प्रदान किया जाए।
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शिक्षक अपने गृह जनपद से दूरस्थ जनपदों में शिक्षण कार्य कर रहे हैँ। शिक्षकों का सामूहिक बीमा धनराशि पांच लाख रुपया किया जाए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष स्वामीनाथ राय ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त रखा जाए। परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद व पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों के लिए बजट की व्यवस्था की जाए।
शिक्षकों के बच्चों को पूर्व की भांति बीएड, बीटीसी में प्रवेश के लिए 10 अंक की वरीयता दी जाए। संगठन के मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में आरटीई मानक के अनुसार शत प्रतिशत व्यवस्था लागू कराई जाए। विद्यालयों में चौकीदार व सफाई कर्मचारी की तैनाती की जाए।
शिक्षकों को शिक्षणेत्तर कार्य में न लगाया जाना, मिड-डे-मील में दूध वितरण व्यवस्था समाप्त करने सहित मुख्यमंत्री को संबोधित 16 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। धरने में सुधा वर्मा, चंद्रधर राय, संजय सिंह, संकठा सिंह, भारतभूषण सिंह आदि शामिल थे।
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संगठन के जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन प्रशासन तथा विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं कराया जा सका है।
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शिक्षकों को एक अप्रैल 2005 से पूर्व प्रभावी पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। मृतक आश्रित को पूर्व की भांति न्यूनतम शैक्षिक अर्हता रखने पर शिक्षक के पद पर नियुक्ति देते हुए सेवारत प्रशिक्षण तथा सेवारत शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए अवसर प्रदान किया जाए।
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शिक्षक अपने गृह जनपद से दूरस्थ जनपदों में शिक्षण कार्य कर रहे हैँ। शिक्षकों का सामूहिक बीमा धनराशि पांच लाख रुपया किया जाए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष स्वामीनाथ राय ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त रखा जाए। परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद व पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों के लिए बजट की व्यवस्था की जाए।
शिक्षकों के बच्चों को पूर्व की भांति बीएड, बीटीसी में प्रवेश के लिए 10 अंक की वरीयता दी जाए। संगठन के मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में आरटीई मानक के अनुसार शत प्रतिशत व्यवस्था लागू कराई जाए। विद्यालयों में चौकीदार व सफाई कर्मचारी की तैनाती की जाए।
शिक्षकों को शिक्षणेत्तर कार्य में न लगाया जाना, मिड-डे-मील में दूध वितरण व्यवस्था समाप्त करने सहित मुख्यमंत्री को संबोधित 16 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। धरने में सुधा वर्मा, चंद्रधर राय, संजय सिंह, संकठा सिंह, भारतभूषण सिंह आदि शामिल थे।