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विज्ञान के गुरुजी नहीं लिख पाए ‘साइंस’ की स्पेलिंग
Wed, 19 Dec 2018 11:52 PM IST
पवन सिंह
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Published by: पवन सिंह
Updated Wed, 19 Dec 2018 11:52 PM IST
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बुधवार को नगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुगलपुरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिली। एक शिक्षक साइंस की स्पेलिंग नहीं लिख पाए। एक शिक्षक कक्षा में बच्चों को ग्रहों की संख्या को गलत पढ़ाते मिले।
दो शिक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने का निर्देश दिया। बीएसए ने निरीक्षण में छठवीं कक्षा के बच्चों से पूछा कि आज कौन सा विषय पढ़ाया गया है। बच्चों ने बताया कि आज विज्ञान पढ़ाया गया है। बीएसए ने पूछा कि विज्ञान और साइंस में क्या अंतर है। बच्चे नहीं बता सके।
कक्षा में शिक्षण कार्य कर रहे कक्षाध्यापक से बीएसए द्वारा विज्ञान को अंग्रेजी में लिखने के लिए कहा गया तो उनके द्वारा विज्ञान की स्पेलिंग गलत लिखी गई। जिस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही कक्षाध्यापक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार होने तक अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने का निर्देश दिया।
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इसी क्रम में सातवीं कक्षा में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षक द्वारा बच्चों को विज्ञान पढ़ाया जा रहा था। बीएसए द्वारा बच्चों से विज्ञान विषय से संबंधित प्रश्न पूछा गया। जिसका कुछ बच्चों द्वारा ही ठीक जवाब दिया गया। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक को बच्चों को विज्ञान को परिवेश से जोड़कर पढ़ाने का निर्देश दिया।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। कक्षा आठ में शिक्षक द्वारा बच्चों को भूगोल पढ़ाते हुए ग्रहों की संख्या 8 के स्थान पर 9 पढ़ाई गई और बुध शुक्र के साथ सोम ग्रह भी पढ़ाया गया।
जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने का आदेश दिया। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार न होने पर लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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दो शिक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने का निर्देश दिया। बीएसए ने निरीक्षण में छठवीं कक्षा के बच्चों से पूछा कि आज कौन सा विषय पढ़ाया गया है। बच्चों ने बताया कि आज विज्ञान पढ़ाया गया है। बीएसए ने पूछा कि विज्ञान और साइंस में क्या अंतर है। बच्चे नहीं बता सके।
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कक्षा में शिक्षण कार्य कर रहे कक्षाध्यापक से बीएसए द्वारा विज्ञान को अंग्रेजी में लिखने के लिए कहा गया तो उनके द्वारा विज्ञान की स्पेलिंग गलत लिखी गई। जिस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही कक्षाध्यापक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार होने तक अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने का निर्देश दिया।
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इसी क्रम में सातवीं कक्षा में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षक द्वारा बच्चों को विज्ञान पढ़ाया जा रहा था। बीएसए द्वारा बच्चों से विज्ञान विषय से संबंधित प्रश्न पूछा गया। जिसका कुछ बच्चों द्वारा ही ठीक जवाब दिया गया। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक को बच्चों को विज्ञान को परिवेश से जोड़कर पढ़ाने का निर्देश दिया।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। कक्षा आठ में शिक्षक द्वारा बच्चों को भूगोल पढ़ाते हुए ग्रहों की संख्या 8 के स्थान पर 9 पढ़ाई गई और बुध शुक्र के साथ सोम ग्रह भी पढ़ाया गया।
जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने का आदेश दिया। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार न होने पर लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।