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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Swadeshi Cotton Mill expected to be commissioned

स्वदेशी काटन मिल के चालू होने की उम्मीद

Tue, 04 Apr 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ Updated Tue, 04 Apr 2017 11:21 PM IST
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करोड़ों की लागत से बनी स्वदेशी मिल लंबे समय से बंद पड़ी है, अब इसके चालू  होने की उम्मीद जगी है। अमर उजाला ने 28 अगस्त 2016 को स्वदेशी काटन मिल के चालू होने की जगी उम्मीद की खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इन खबरों के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।  
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एक जमाना था जब करोड़ों की लागत से बनी स्वदेशी काटन मिल से बुनकरों को सस्ता व गुणवत्तापरक धागा मिल जाता था। 500 मजदूरों को रोजगार मिलने के साथ काफी संख्या में लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा था। मगर दो दशक से मिल बंद होने से श्रमिकों के साथ ही बुनकरों को महंगे दर पर धागा मंगाना पड़ता है। बंद पड़ी स्वदेशी काटन मिल को चालू कराने के संबंध में शिकायतकर्ता और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा के पत्र पर नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन ने हाईकोर्ट में मजदूर यूनियन का मामला चलना बताकर पल्ला झाड़ लिया था।
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 शिकायतकर्ता ने अमर उजाला में छपी खबर की कटिंग तथा एनटीसी के प्रबंध निदेशक के जवाब की प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजकर मिल को चालू कराने पर विचार करने की गुहार लगाई। प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा का कहना है कि मिल मजदूर, एनटीसी सहित सभी पक्षों से बातचीत कर मामले का शीघ्र निस्तारण करते हुए  मिल को अविलंब चालू कराया जाना चाहिए। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर का कहना है कि स्वदेशी काटन मिल के चालू कराने के मामले में जिला प्रशासन को सभी तकनीकी बाधाओं को दूर करना चाहिए। विधानसभा चुनाव प्रचार में आए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष मिल को चालू कराने का मुद्दा उठाया गया था। इस बाबत जिलाधिकारी निखिलचंद्र शुक्ल का कहना है कि शासन का नीतिगत निर्णय है। संबंधित पक्षों से विचार विमर्श कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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