{"_id":"45252628c4b9b14a204b481153034419","slug":"strike-not-show-obsession-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताल में नहीं दिखा जोश्ा-जुनून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल में नहीं दिखा जोश्ा-जुनून
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आहूत की गई पेन डाउन हड़ताल में जोश और जुनून नहीं दिखा। कई सरकारी दफ्तरों में कामकाज होता रहा।
हालांकि समर्थक कर्मचारियों ने अपनी दस सूत्री मांगों के लिए मंगलवार को कलमबंद हड़ताल की। हड़ताली कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन भी किया। चेतावनी दी कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं करती है तो वे निर्णायक संघर्ष करेंगे।
उधर धरना स्थल पर एकत्र कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों के प्रति उदासीन है। संगठन के प्रादेशिक नेताओं के साथ हुई वार्ताओं में जिन मांगों को सरकार के प्रतिनिधियों ने मान लिया था। उन मांगों को भी पूरा नहीं किया गया।
विज्ञापन
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रामाश्रय यादव ने कहा कि सरकार अपने खजाने का धन राजनेताओं और कारपोरेट घरानों के लिए खोल रही है लेकिन कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के लिए धन की कमी का रोना रोती है। कहा कि सरकारी कर्मचारियों को सेवा के आठवें , दसवें और 24 वें वर्ष में प्रोन्नत वेतन मान नगदी करण की बहाली, नई नीति को समाप्त कर पुरानी पेंशन नीति की बहाली की परिषद की वर्षों पुरानी मांग पर सरकार ने कोई विचार नहीं किया।
इसके साथ आउट सोर्सिंग , ठेेकेदारी प्रथा ,संविदा और मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थाई करते हुए राज्य कर्मचारियों के समान समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय। आशा सेविका, सहायिका को स्थाई करके राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाय। परिषद के जिला मंत्री पीएन सिंह ने कहा कि कर्मचारी सरकार के रवैये से काफी दुखी हैं। जब तक कर्मचारियों की मांगें मान नहीं ली जातीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना में मेराज , खालिद, शिवकुमार राजेश कुमार , सीताराम कुशवाहा, अंजनी सिंह, सुरेश यादव, शिवकुमार सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। रतनपुराः ब्लाक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल पर रहे। परिसर में सभा कर जमकर नारेबाजी किया। इस अवसर पर केके पांडेय, राजेंद्र प्रसाद, अनिल कुमार, एसपी वर्मा शामिल थे।
विज्ञापन
हालांकि समर्थक कर्मचारियों ने अपनी दस सूत्री मांगों के लिए मंगलवार को कलमबंद हड़ताल की। हड़ताली कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन भी किया। चेतावनी दी कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं करती है तो वे निर्णायक संघर्ष करेंगे।
विज्ञापन
उधर धरना स्थल पर एकत्र कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों के प्रति उदासीन है। संगठन के प्रादेशिक नेताओं के साथ हुई वार्ताओं में जिन मांगों को सरकार के प्रतिनिधियों ने मान लिया था। उन मांगों को भी पूरा नहीं किया गया।
विज्ञापन
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रामाश्रय यादव ने कहा कि सरकार अपने खजाने का धन राजनेताओं और कारपोरेट घरानों के लिए खोल रही है लेकिन कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के लिए धन की कमी का रोना रोती है। कहा कि सरकारी कर्मचारियों को सेवा के आठवें , दसवें और 24 वें वर्ष में प्रोन्नत वेतन मान नगदी करण की बहाली, नई नीति को समाप्त कर पुरानी पेंशन नीति की बहाली की परिषद की वर्षों पुरानी मांग पर सरकार ने कोई विचार नहीं किया।
इसके साथ आउट सोर्सिंग , ठेेकेदारी प्रथा ,संविदा और मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थाई करते हुए राज्य कर्मचारियों के समान समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय। आशा सेविका, सहायिका को स्थाई करके राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाय। परिषद के जिला मंत्री पीएन सिंह ने कहा कि कर्मचारी सरकार के रवैये से काफी दुखी हैं। जब तक कर्मचारियों की मांगें मान नहीं ली जातीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना में मेराज , खालिद, शिवकुमार राजेश कुमार , सीताराम कुशवाहा, अंजनी सिंह, सुरेश यादव, शिवकुमार सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। रतनपुराः ब्लाक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल पर रहे। परिसर में सभा कर जमकर नारेबाजी किया। इस अवसर पर केके पांडेय, राजेंद्र प्रसाद, अनिल कुमार, एसपी वर्मा शामिल थे।