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किसानों को प्रदर्शन धान के बीज और ढैचा पर मिलेगा 90 प्रतिशत अनुदान:
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मऊ। खरीफ फसल के लिए किसानों की तरफ से अगेती धान की नर्सरी डालने की कवायद तेज हो गई है। कृषि विभाग की तरफ से प्रत्येक बीज गोदामों पर 25-25 कुंतल धान के बीज और ढैंचा की आपूर्ति की गई है। किसानों को प्रदर्शन धान और ढैचा बीज लेने पर 90 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। जिला कृषि अधिकारी ने ब्लाक प्रभारियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बीज वितरण करने का फरमान जारी किया है।
रबी फसल की कटाई मंड़ाई के बाद किसानों ने खरीफ फसल के बुआई की तैयारी करने में जी जान से जुट गए हैं। इसके लिए कृषि विभाग की तरफ से उन्नतिशील प्रजाति के धान के बीज तथा ढैंचा की आपूर्ति प्रत्येक ब्लाक के राजकीय बीज गोदामों में आपूर्ति की कर दी गई है।
धान के बीज 25-25 कुंतल तथा ढैंचा बीज 20-40 कुंतल की आपूर्ति की गई है। गोदामों पर भेजी गई धान की उन्नतिशील प्रजातियों पर नजर डाला जाए तो साभा मंसूरी, पंत 24, एचयूआर 105, एचयूआर 917, सीओ 51 आदि शामिल हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सी ओ-51 धान की प्रजाति 105-110 दिन अवधि की प्रजाति है। जिसकी औसत उपज 50-6 0 कुंटल प्रति हैक्टेयर है। इसकी रोपाई नर्सरी से अधिकतम 20-25 दिन के अंदर करना है। यह प्रजाति किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि प्रदर्शन धान के बीज और ढैंचा लेने पर किसानों को 90 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। धान के बीज लेने पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। बताया कि किसान यदि समय से नर्सरी डालते हैं तो उत्पादन अच्छा होता है साथ ही साथ उसमें कीड़े मकोड़े और अन्य रोगों का प्रकोप भी कम ही लगता है।
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रबी फसल की कटाई मंड़ाई के बाद किसानों ने खरीफ फसल के बुआई की तैयारी करने में जी जान से जुट गए हैं। इसके लिए कृषि विभाग की तरफ से उन्नतिशील प्रजाति के धान के बीज तथा ढैंचा की आपूर्ति प्रत्येक ब्लाक के राजकीय बीज गोदामों में आपूर्ति की कर दी गई है।
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धान के बीज 25-25 कुंतल तथा ढैंचा बीज 20-40 कुंतल की आपूर्ति की गई है। गोदामों पर भेजी गई धान की उन्नतिशील प्रजातियों पर नजर डाला जाए तो साभा मंसूरी, पंत 24, एचयूआर 105, एचयूआर 917, सीओ 51 आदि शामिल हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सी ओ-51 धान की प्रजाति 105-110 दिन अवधि की प्रजाति है। जिसकी औसत उपज 50-6 0 कुंटल प्रति हैक्टेयर है। इसकी रोपाई नर्सरी से अधिकतम 20-25 दिन के अंदर करना है। यह प्रजाति किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि प्रदर्शन धान के बीज और ढैंचा लेने पर किसानों को 90 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। धान के बीज लेने पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। बताया कि किसान यदि समय से नर्सरी डालते हैं तो उत्पादन अच्छा होता है साथ ही साथ उसमें कीड़े मकोड़े और अन्य रोगों का प्रकोप भी कम ही लगता है।
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