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चुनिंदा सड़कें ही हो सकी हैं गड्ढामुक्त
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:07 PM IST
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अमिला में अंबेडकर चौक के पास गड्ढायुक्त बदहाल सड़क।
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सूबे के मुख्यमंत्री द्वारा 15 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के बाबत की गई घोषणा का विभाग ने जिले में हवा निकाल दिया। साथ ही जिले की 281 किमी सड़क को गड्ढा मुक्त किए जाने का दावा भी कर डाला, लेकिन पड़ताल में विभाग के दावे की हकीकत उल्टी निकली। जिला मुख्यालय के आसपास की कुछ सड़कों के गड्ढे भरकर घोषणा की खानापूरी कर लिया गया। इसके बाद 14 जून को दावा कर दिया कि जिले में चिह्नित 284 किमी में से 281 किमी सड़क को गढ्ढामुक्त कर दिया गया है।
जिले से एनएच 29 गुजरा है, जिले की सीमा बढ़ुआ गोदाम से दोहरीघाट के बीच इस मार्ग पर हजारों गड्ढे हैं। मऊ मुख्यालय से बहादुरगंज जाने वाली सड़क पर एक हजार से ज्यादा गड्ढे हैं। कोपागंज से देईथान होते हुए इंदारा तक जाने वाली सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। इस सड़क पर एक भी गड्ढा नहीं भरा गया है। इसी प्रकार मऊ-इटौरा रोड से जेल होकर लुदुही होते हुए लोहा टिकर जाने वाले सड़क भी गड्ढे में बदल चुकी है। कुसुम्हा से सियरही होते हुए मादी सिपाह जाने वाली सड़क पर पिच कहीं दिखता ही नहीं। थानीदास मोड़ से बोझी बाजार, दरगाह जाने वाली सड़क, असना से कनकूडीह, दरगाह मार्ग, सिपाह से मखमेलपुर जाने वाली सड़क ,बलुआ से उंदुरा जाने वाली सड़क, घोसी से जैनापुर, चौथी मिल से चचाईपार जाने वाली सड़क ,थलईपुर से मीरपुर जाने वाली सड़क, पहसा से चकरा वाया कसारा, लखनी मुबारकपुर, मलेरी कोट जाने वाली सड़क मुख्यमंत्री के आदेश के अनुपालन से अछूती हैं। गढ्डायुक्त सड़कों की फेहरिस्त काफी लंबी है। इसी प्रकार घोसी मधुबन मार्ग ,सिपाह मदरही मीरपुर टड़वा मार्ग , सिपाह बनपोखरा मझवारा मार्ग, सिपाह से नंदौर बाजार मार्ग बदहाली के चरम पर हैं। ये सड़क करीब 100 किमी से ज्यादा लंबी हैं।
उधर, लोनिवि के द्वारा किए गए वादे पर पड़ताल करने के बाद पूछे जाने पर विभाग के अधिशासी अभियंता से लेकर सहायक अभियंता एके मिश्र कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए। दोनों अधिकारी आफिस से बाहर होने और आंकड़ा याद न होने की बात कहने लगे। दोनों अधिकारियों ने बहाना बना दिया।
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जिले से एनएच 29 गुजरा है, जिले की सीमा बढ़ुआ गोदाम से दोहरीघाट के बीच इस मार्ग पर हजारों गड्ढे हैं। मऊ मुख्यालय से बहादुरगंज जाने वाली सड़क पर एक हजार से ज्यादा गड्ढे हैं। कोपागंज से देईथान होते हुए इंदारा तक जाने वाली सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। इस सड़क पर एक भी गड्ढा नहीं भरा गया है। इसी प्रकार मऊ-इटौरा रोड से जेल होकर लुदुही होते हुए लोहा टिकर जाने वाले सड़क भी गड्ढे में बदल चुकी है। कुसुम्हा से सियरही होते हुए मादी सिपाह जाने वाली सड़क पर पिच कहीं दिखता ही नहीं। थानीदास मोड़ से बोझी बाजार, दरगाह जाने वाली सड़क, असना से कनकूडीह, दरगाह मार्ग, सिपाह से मखमेलपुर जाने वाली सड़क ,बलुआ से उंदुरा जाने वाली सड़क, घोसी से जैनापुर, चौथी मिल से चचाईपार जाने वाली सड़क ,थलईपुर से मीरपुर जाने वाली सड़क, पहसा से चकरा वाया कसारा, लखनी मुबारकपुर, मलेरी कोट जाने वाली सड़क मुख्यमंत्री के आदेश के अनुपालन से अछूती हैं। गढ्डायुक्त सड़कों की फेहरिस्त काफी लंबी है। इसी प्रकार घोसी मधुबन मार्ग ,सिपाह मदरही मीरपुर टड़वा मार्ग , सिपाह बनपोखरा मझवारा मार्ग, सिपाह से नंदौर बाजार मार्ग बदहाली के चरम पर हैं। ये सड़क करीब 100 किमी से ज्यादा लंबी हैं।
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उधर, लोनिवि के द्वारा किए गए वादे पर पड़ताल करने के बाद पूछे जाने पर विभाग के अधिशासी अभियंता से लेकर सहायक अभियंता एके मिश्र कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए। दोनों अधिकारी आफिस से बाहर होने और आंकड़ा याद न होने की बात कहने लगे। दोनों अधिकारियों ने बहाना बना दिया।
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