मऊ। जनपद में पूर्व दशम व दशमोत्तर के करीब 89 हजार छात्र छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए हैं। इसके अलावा तमाम छात्र वेबसाइट के ठीक से न चलने और संस्थाध्यक्षों के समय से आवेदन को सत्यापित कर अग्रसारित न करने के चलते वंचित रह गए। ऐसे में शासन की ओर से केवल 10693 छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति भेजी गइ। जनपद में कुल एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन आवेदन किया था। दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जनवरी एवं संस्था से आवेदन अग्रसारित करने की अंतिम तिथि 24 जनवरी निर्धारित की गई थी। पूर्व दशम के तहत कक्षा नौ व दस में पढ़ने वाले विभिन्न संस्थाओं के छात्रों ने आवेदन किया था। इसके अलावा दशमोत्तर के तहत इंटरमीडिएट, बीए, बीएससी, एमएससी, एमए, बीएड, बीटीसी, आइटीआई, इंजीनियरिग और अन्य संस्थाओं के छात्र आते हैं। जनपद में पूर्वदशम के एससी, एसटी के 3605 व सामान्य वर्ग के 364 तथा दशमोत्तर के एससी, एसटी के करीब 5580 व सामान्य के 1144 छात्रों के खाते में धनराशि भेजी गई है। अन्य छात्रों के डाटा का मिलान कर शासन को भेजा गया है। छात्रवृत्ति के आवेदन का प्रयास करने वाले राजन कहते हैं कि कई दिनों तक आनलाइन आवेदन का प्रयास किया गया लेकिन वेबसाइट न खुलने से आवेदन नहीं हो सका। पालीटेकनिक के छात्र अमित रंजन कहते हैं कि विभाग की ओर से जो अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी उसके चार पांच दिन पहले से ही वेबसाइट जाम हो गई। बीटीसी कर रही एससी की छात्रा सुधा ने बताया कि सरकार की व्यवस्था ठीक न होने से उन्हें आवेदन भरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि नियत तिथि तक सत्यापित होकर आने वाले आवेदन अग्रसारित कर दिए गए। बजट की उपलब्धता के आधार पर शासन से छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी।