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सरयू नदी

Sun, 16 Oct 2022 07:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2022 07:06 PM IST
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Saryu River
दोहरीघाट में मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर को टक्कर मारती सरयू नदी की लहरें।संवाद - फोटो : MAU
दोहरीघाट / दुबारी । सरयू नदी के जलस्तर में कमी होने के बाद भी दो तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। दोहरीघाट में सरयू नदी के जलस्तर में 25 सेमी की कमी दर्ज की गई। फिर भी नदी खतरा बिंदु से एक मीटर 35 सेमी ऊपर बह रही। नदी के पानी का दबाव ऐतिहासिक धरोहरों और बंधों पर बना हुआ है। इससे लोग दहशत में हैं। सरयू नदी के जलस्तर में कमी होने के बाद भी दोहरीघाट तथा मधुबन तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बाढ़ से तटवर्ती इलाके धनौली, नईबाजार, ठाकुर गांव, गोधनी, बीवीपुर, सरया, पतनई, रसूलपुर, सूरजपुर, कोरौली, बेलौली, महुआबारी सहित हजारों एकड़ जलमग्न फसलें नष्ट होने के कगार पर हैं। बंधों पर अभी भी नदी का दबाव बना है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो रविवार को जलस्तर 71 मीटर 25 सेमी रहा। जबकि शनिवार को 71 मीटर 50 सेमी रहा। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। मधुबन तहसील क्षेत्र के हाहा नाला पर जलस्तर आठ सेमी की कमी के बाद भी तटवर्ती इलाकों में जलभराव रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। हाहा नाला पर नदी का जलस्तर रविवार को 67.42 मीटर रहा। जबकि शनिवार को नदी का जलस्तर 67.50 मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 66.31 मीटर है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में विद्युत आपूर्ति काट दी गई है। प्रशासन के फरमान के बाद भी केरोसिन का वितरण नहीं किया जा सका है। लोगों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। मधुबन: तहसील क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी के जल स्तर में कमी होने के बाद भी बंधों पर दबाव बना हुआ है। देवारा क्षेत्र नदी के घेरे में है। वहीं परसियां-विशुनपुर देवार के 22 टोलों के अलावा मनमन का पूरा, बब्बर का पूरा, चौहानपुर, बरोहा में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। आवागमन के रास्ते मुख्य मार्ग से कट चुके हैं। बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित कुंवरपुरवा गांव के प्रधान प्रतिनिधि शैलेश मौर्य, रमाकांत सिंह, नीरज सिंह का कहना है कि नदी का विकराल रुप और चारों तरफ पानी के कारण भोजन एवं दवा की समस्या बढ़ गई है। पानी बढ़ने से फसलें डूब गईं हैं। वहीं मवेशियों के चारा का संकट बना हुआ है। सिंचाई विभाग के जेई यूएन पांडेय ने बताया किबाढ़ प्रभावित गांवों का सर्वे कराया जा रहा है।
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