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Mau News: हर घंटे आधा सेंटीमीटर बढ़ रही सरयू, 2022 का टूट सकता है रिकॉर्ड
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दोहरीघाट में मुक्तिधाम के करीब पहुंची सरयू नदी
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दोहरीघाट। स्थानीय कस्बे में स्थित सरयू नदी का जलस्तर खतरा निशान से ऊपर जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। नदी का जलस्तर हर दिन और हर घंटे आधा सेमी के हिसाब से बढ़ रहा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर बढ़ने का क्रम ऐसा ही रहा तो अगले एक सप्ताह में नदी वर्ष 2022 का रिकॉर्ड तोड़ सकती है। नदी के रौद्र रूप धारण करने से ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है।
सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार जारी रहने से कस्बे सहित तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। खाकी बाबा की कुटी से लेकर जानकी घाट तक करीब 100 मीटर क्षेत्र में पानी का दबाव बढ़ने से कटान का खतरा पैदा हो गया है।
नदी के जलस्तर पर नजर डालें तो गौरीशंकर घाट पर रविवार को नदी का जलस्तर 70.25 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार को नदी का जलस्तर 70.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 35 सेमी ऊपर बह रही थी।
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तटवर्ती इलाके के लोगों की मानें तो वर्ष 1998 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड पूरे 24 साल बाद, वर्ष 2022 में जाकर टूटा, जब नदी का जलस्तर बढ़कर 71.35 मीटर से 71.50 मीटर तक पहुंच गया था। घोसी और मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा में काफी नुकसान हुआ था। नदी वर्ष 2022 के रिकॉर्ड को पार करने की ओर बढ़ रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय मात्रेय का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
खाकी बाबा की कुटी से जानकी घाट तक बढ़ा कटान का खतरा
नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों से टकरा रही थीं। नदी के रुख से मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद और हनुमान मंदिर पर खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं, चिऊटीडाड़, नवली, सरहरा, धनौली रामपुर, बेलौली, नई बाजार और रसूलपुर सहित तटवर्ती इलाकों में पानी घुसने की आशंका से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। बंधों पर पानी का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। धनौली रामपुर गांव की सुरक्षा के लिए लगाए गए बोल्डरों से नदी का पानी टकरा रहा था।
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सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार जारी रहने से कस्बे सहित तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। खाकी बाबा की कुटी से लेकर जानकी घाट तक करीब 100 मीटर क्षेत्र में पानी का दबाव बढ़ने से कटान का खतरा पैदा हो गया है।
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नदी के जलस्तर पर नजर डालें तो गौरीशंकर घाट पर रविवार को नदी का जलस्तर 70.25 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार को नदी का जलस्तर 70.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 35 सेमी ऊपर बह रही थी।
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तटवर्ती इलाके के लोगों की मानें तो वर्ष 1998 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड पूरे 24 साल बाद, वर्ष 2022 में जाकर टूटा, जब नदी का जलस्तर बढ़कर 71.35 मीटर से 71.50 मीटर तक पहुंच गया था। घोसी और मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा में काफी नुकसान हुआ था। नदी वर्ष 2022 के रिकॉर्ड को पार करने की ओर बढ़ रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय मात्रेय का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
खाकी बाबा की कुटी से जानकी घाट तक बढ़ा कटान का खतरा
नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों से टकरा रही थीं। नदी के रुख से मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद और हनुमान मंदिर पर खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं, चिऊटीडाड़, नवली, सरहरा, धनौली रामपुर, बेलौली, नई बाजार और रसूलपुर सहित तटवर्ती इलाकों में पानी घुसने की आशंका से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। बंधों पर पानी का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। धनौली रामपुर गांव की सुरक्षा के लिए लगाए गए बोल्डरों से नदी का पानी टकरा रहा था।