मऊ। कोरोना वायरस के चलते रोडवेज की आय पर भी असर पड़ गया है। रोडवेज को रोजाना एक लाख का घाटा हो रहा। ट्रेनों के निरस्त होने के बाद भी रोडवेज बसें खाली चल रहीं। लोग जरुरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। हालात यह है कि कम यात्री होने के चलते रोडवेज की आमदनी कम हो रही है। होली के बाद रोडवेज की आय में बढ़ोत्तरी होती है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस ने इस पर असर डाल दिया है। मऊ रोडवेज डिपो में 47 बसें बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, लखनऊ, दिल्ली आदि रूटों पर संचालित होती है। रोडवेज को 10 मार्च से पहले इन बसों से प्रतिदिन छह 50 हजार रुपये से ज्यादा का आय प्राप्त होती थी, लेकिन होली के बाद कोरोना वायरस को लेकर भय के माहौल का असर इस पर देखने को मिल रहा है। हालात यह है कि बीते नौ मार्च को जहां रोडवेज को करीब सात लाख का आय प्राप्त हुई, वहीं होली के बाद 11 मार्च को पांच लाख 53 हजार रुपये का आय हुआ। इसीक्रम में 12 मार्च को 5.48 लाख, 13 मार्च को 5.49 लाख, 14 मार्च को 5.28 लाख, 15 मार्च को 5.33 लाख तो 19 मार्च को 5 लाख 16 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। जबकि ट्रेनों के निरस्त होने तथा होली के बाद से रोडवेज बसों में यात्रियों का ग्राफ बढ़ता है। सामान्य दिनों में भी रोडवेज को प्रतिदिन साढ़े छह लाख रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होता था।