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अनफिट होने से बीच राह में हाफ रही है रोडवेज बसें

Fri, 04 Dec 2020 11:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Dec 2020 11:56 PM IST
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Roadways buses are falling in the middle of unfit
नगर स्थित रोडवेज परिसर में खड़ी बस पर चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते यात्री। - फोटो : MAU
मऊ। जिले की बदहाल सड़कों पर बने गड्ढों में हांफती रोडवेज की बसें यात्रियों को बीच रास्ते में आए दिन धोखा दे रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी के साथ रोडवेज को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। यह समस्या छोटे मार्गों से लेकर बड़े मार्गों तक बना है। इसकी वजह है कि अनफिट बसों का संचालन। वर्तमान में रोडवेज मऊ डिपो में दस बसें बैटरी खराब होने से खड़ी हैं। जबकि कोरोना संक्रमण काल में ट्रेनों के कम संचालन से रोडवेज बसों में यात्रा करने वालों की संख्या 40 फीसदी तक बढ़ी है।
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बताते चले कि मऊ रोडवेज डिपो में वर्तमान में 47 बसों का संचालन होता है। लेकिन इसमें दस बसों में बैटरी की समस्या तो चार-पांच बसों में चालकों की कमी से इन बसों का संचालन आए दिन ठप होता है। जबकि वाराणसी, भटनी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया आदि रूटों पर संचालित ट्रेनों के बंद होने से इन रूटों के यात्री अब रोडवेज बसों में यात्रा कर रहे है। इसके चलते 47 बसों का बेड़ा भी इन यात्रियों के लिए कम पड़ रहा है। इसमें भी 15 बसों का संचालन न के बराबर होने से यह समस्या ओर बढ़ गई है। जबकि रेलवे के यात्री के आने से रोडवेज का राजस्व जहां 20 फीसदी तक बढ़ कर प्रतिदिन सात लाख रुपया तक पहुंच चुका है। बावजूद रोडवेज डिपो के जिम्मेदार अनफिट बसों की समस्या को दूर नहीं किया जा रहा है। रोडवेज सूत्रों की माने तो वर्तमान में दस बसों में बैटरी की समस्या बनी है। दरअसल कोरोना संक्रमण काल में बसों का संचालन न होने पर जून में परिवहन निगम द्वारा टेक्स से बचाने के लिए एआरटीओ कार्यालय में 12 बसों को सरेंडर किया गया था। चार माह तक बसें न चलने से इसमें दस बसों की बैटरी खराब हो गई, जो कि वर्तमान में भी बिगड़ी है। वहीं चार पांच बसों में चालकों की कमी से बसों का संचालन नियमित नहीं है। इस बाबत एआरएम विवेकानंद त्रिपाठी का कहना है कि बैटरी की समस्या है, लेकिन इसका असर बसों के संचालन पर नहीं पड़ रहा है।
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निर्धारित दूरी तय कर चुकी हैं तीन बसेें
मऊ। डिपो में वर्तमान में तीन अनरेनोवेटड बसें हैं। इसमें तीनों ने निर्धारित 11 लाख की दूरी तय कर चुकी हैं, लेकिन निर्धारित दस वर्ष का समय पूरा न होने से इनका संचालन हो रहा है। एक कर्मचारी ने बताया कि बीते चार वर्षों में केवल एक नई बस आई है। वर्तमान में संचालित डिपो की सभी बसें 8 लाख से ज्यादा की दूरी तय कर चुके हैं।
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