{"_id":"88d2ea483271b72bd32c8e2435bb2bbc","slug":"rituals-performed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माता-पिता का न करें अनादर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माता-पिता का न करें अनादर
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Mon, 02 Mar 2015 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतर्राष्ट्रीय मातेश्वरी धाम पर चल रहे 21 हजार एक सौ आठ कुंडीय महायज्ञ का सोमवार को भंडारे के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन प्रवचन के दौरान सद्गुरु महाराज ने कहा कि आप लोग सदैव सन्मार्ग पर चलते हुए दूसरों की भलाई करें यही मेरी गुरु दक्षिणा होगी।
उन्होंने कहा कि मां बाप का कभी अनादर नहीं करना चाहिए। अगर माता पिता खुश हैं तो समझो सभी तीर्थों का फल मिल गया। मां के चरणों में स्वर्ग है।
गुरु महिमा का वर्णन करते हुए सद्गुरु महाराज ने बताया कि गुरु का दर्शन बड़े भाग्य से मिलता है। गुरु के दर्शन के लिए सत्संग में जाना पड़ता है। गुरु और सत्संग के प्रभाव से व्यक्ति का अहंकार खत्म हो जाता है।
शिष्यों को उपदेश देने के बाद विदा होते वक्त सद्गुरु महाराज की आंखें भर आईं वहीं शिष्य भी अश्रुधारा के साथ सद्गुरु महाराज को विदा किए। सोमवार को कलश विसर्जन के साथ यज्ञ का समापन हुआ।
विज्ञापन
इस दौरान आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद लिया। छह दिवसीय यज्ञ में जहां दूर देश से तथा विदेशों से आए भक्तों को रेला लगा रहा वहीं सकुशल यज्ञ समाप्त होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मां बाप का कभी अनादर नहीं करना चाहिए। अगर माता पिता खुश हैं तो समझो सभी तीर्थों का फल मिल गया। मां के चरणों में स्वर्ग है।
गुरु महिमा का वर्णन करते हुए सद्गुरु महाराज ने बताया कि गुरु का दर्शन बड़े भाग्य से मिलता है। गुरु के दर्शन के लिए सत्संग में जाना पड़ता है। गुरु और सत्संग के प्रभाव से व्यक्ति का अहंकार खत्म हो जाता है।
विज्ञापन
शिष्यों को उपदेश देने के बाद विदा होते वक्त सद्गुरु महाराज की आंखें भर आईं वहीं शिष्य भी अश्रुधारा के साथ सद्गुरु महाराज को विदा किए। सोमवार को कलश विसर्जन के साथ यज्ञ का समापन हुआ।
विज्ञापन
इस दौरान आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद लिया। छह दिवसीय यज्ञ में जहां दूर देश से तथा विदेशों से आए भक्तों को रेला लगा रहा वहीं सकुशल यज्ञ समाप्त होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।