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‘रोजा खोलो’ से गूंज उठे इलाके
mau
Updated Thu, 17 May 2018 11:50 PM IST
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रमजान माह के पहले दिन नगर के मुंशीपुरा में इफ्तार करते रोजेदार।
- फोटो : mau
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जिले के मुसलमानों गुरुवार को रमजान का पहला रोजा रखा। मगरिब में मस्जिदों पर लगी रंगील लाइट जलने पर मुस्लिम बहुल इलाकों में ‘रोजा खोलो’ की आवाजें गूंजने लगी। रोजेदारों ने अल्लाह की बारगाह में दुआओं के लिए हाथ उठा लिए। बाद में खजूर और पानी से रोजा खोला। मस्जिदों में भी रोजेदारों के लिए इफ्तारी के इंतजाम किए गए थे। मगरिब की नमाज के बाद इलाके लोगों की चहल पहल से गुलजार हो उठे। हालांकि दिन में धूप की तेजी रही। लेकिन रोजेदारों पर इसका असर नहीं रहा।
मुसलमानों ने गुरुवार को पहला रोजा रखा। इसे लेकर लोगों में गजब का उत्साह रहा। लोगों ने अस्र की नमाज के समय मस्जिद से लौटते हुए इफ्तारी और सहरी के सामान खरीदे। मगरिब के समय मस्जिद से आजान होने और खजूर और पानी से रोजा खोला और फिर मगरिब की नमाज अदा की। खास तौर से मुस्लिम इलाकों मुंशीपुरा, सहादतपुरा, कोपागंज आदि में चहल-पहल रही। बाजारों में भी लोग खरीदारी करते रहे। उधर, खास तौर से बच्चे भी खुश दिखे। स्कूल बंद रहने पर उन्होंने ने भी अल्लाह की रजा के लिए रोजा रखा और मगरिब के समय परिवार वालों के साथ रोजा खोला।
घरों में महिलाओं ने भी सामूहिक रूप से रोजा खोला और बनाई गई इफ्तारी में स्वादिष्ट व्यंजनों को लुत्फ उठाया। मगरिब की नमाज अदा की और खुदा से रहमतों की दुआएं मांगी। वहीं, मुस्लिम बहुल इलाके की चायपान की दुकानें शाम को गुलजार रहीं। चाय के दौरान लोग पहले रोजे को लेकर चर्चा करते रहे।
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मुसलमानों ने गुरुवार को पहला रोजा रखा। इसे लेकर लोगों में गजब का उत्साह रहा। लोगों ने अस्र की नमाज के समय मस्जिद से लौटते हुए इफ्तारी और सहरी के सामान खरीदे। मगरिब के समय मस्जिद से आजान होने और खजूर और पानी से रोजा खोला और फिर मगरिब की नमाज अदा की। खास तौर से मुस्लिम इलाकों मुंशीपुरा, सहादतपुरा, कोपागंज आदि में चहल-पहल रही। बाजारों में भी लोग खरीदारी करते रहे। उधर, खास तौर से बच्चे भी खुश दिखे। स्कूल बंद रहने पर उन्होंने ने भी अल्लाह की रजा के लिए रोजा रखा और मगरिब के समय परिवार वालों के साथ रोजा खोला।
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घरों में महिलाओं ने भी सामूहिक रूप से रोजा खोला और बनाई गई इफ्तारी में स्वादिष्ट व्यंजनों को लुत्फ उठाया। मगरिब की नमाज अदा की और खुदा से रहमतों की दुआएं मांगी। वहीं, मुस्लिम बहुल इलाके की चायपान की दुकानें शाम को गुलजार रहीं। चाय के दौरान लोग पहले रोजे को लेकर चर्चा करते रहे।
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