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गरीबी नहीं अमीरी रेखा तय करने की मांग
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Mon, 04 May 2015 11:20 PM IST
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इंकलाबी कामगार यूनियन के तत्वावधान में सोमवार को अंबेडकर प्रतिमा भीटी से मार्च निकाला गया। इस दौरान संगठन के लोगों ने दबा कुचला हर इंसान-मांग रहा है हक सम्मान, का नारा दिया।
कहा कि सरकारें गरीबी नहीं अमीरी रेखा तय करें, ताकि सभी गरीबों को एक समान लाभ मिल सके। सैकड़ों की संख्या में लामबंद होकर लोग हिंदी भवन पहुंचे। यहां पर सभा आयोजित हुई।
सभा को संबोधित करते हुए राघवेंद्र ने कहा कि आज लोकतंत्र पूंजीवादियों के हाथों में है। आजादी तो मिल गई, लेकिन डा. भीम राव अंबेडकर ने जो सपना देखा था और गरीबों के हाथ में जो लोकतंत्र की कुंजी दी थी, आज वह पूंजीवादी लोकतंत्र में बदल चुकी है।
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इसके लिए मजदूरों, कामगारों एवं आम जनमानस को लामबंद होकर संघर्ष करना होगा। अरविंद मूर्ति ने कहा कि सीलिंग एक्ट की तर्ज पर अमीरी रेखा को तय करना होगा, जबकि सरकारें गरीबी रेखा का पैमाना तय करती हैं।
कहा कि पूंजीवादी ताकतों ने आज न सिर्फ नौकरशाही को भ्रष्ट कर दिया है, बल्कि लोकतंत्र को भी खोखला कर रही हैं। कहा कि सरदार भगत सिंह ने कहा था कि गोरे अंग्रेजों के जाने के बाद काले अंग्रेज के स्थान लेने से परिवर्तन अधिक नहीं होगा। महंगाई भ्रष्टाचार चरम पर होने के चलते लोगाें का जीवन दुभर होता जा रहा है।
कहा कि कल कारखानों के राष्ट्रीयकरण किए बिना वास्तविक समाजवादी लोकतंत्र स्थापित नहीं हो सकता है। इस मौके पर सुरेंद्र यादव की अध्यक्षता में रामाश्रय यादव, मुन्नू राम, प्रेमचंद, रामभवन, ऊषा देवी, रजनीश भारती, अंजली देवी आदि मौजूद रहे।
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कहा कि सरकारें गरीबी नहीं अमीरी रेखा तय करें, ताकि सभी गरीबों को एक समान लाभ मिल सके। सैकड़ों की संख्या में लामबंद होकर लोग हिंदी भवन पहुंचे। यहां पर सभा आयोजित हुई।
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सभा को संबोधित करते हुए राघवेंद्र ने कहा कि आज लोकतंत्र पूंजीवादियों के हाथों में है। आजादी तो मिल गई, लेकिन डा. भीम राव अंबेडकर ने जो सपना देखा था और गरीबों के हाथ में जो लोकतंत्र की कुंजी दी थी, आज वह पूंजीवादी लोकतंत्र में बदल चुकी है।
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इसके लिए मजदूरों, कामगारों एवं आम जनमानस को लामबंद होकर संघर्ष करना होगा। अरविंद मूर्ति ने कहा कि सीलिंग एक्ट की तर्ज पर अमीरी रेखा को तय करना होगा, जबकि सरकारें गरीबी रेखा का पैमाना तय करती हैं।
कहा कि पूंजीवादी ताकतों ने आज न सिर्फ नौकरशाही को भ्रष्ट कर दिया है, बल्कि लोकतंत्र को भी खोखला कर रही हैं। कहा कि सरदार भगत सिंह ने कहा था कि गोरे अंग्रेजों के जाने के बाद काले अंग्रेज के स्थान लेने से परिवर्तन अधिक नहीं होगा। महंगाई भ्रष्टाचार चरम पर होने के चलते लोगाें का जीवन दुभर होता जा रहा है।
कहा कि कल कारखानों के राष्ट्रीयकरण किए बिना वास्तविक समाजवादी लोकतंत्र स्थापित नहीं हो सकता है। इस मौके पर सुरेंद्र यादव की अध्यक्षता में रामाश्रय यादव, मुन्नू राम, प्रेमचंद, रामभवन, ऊषा देवी, रजनीश भारती, अंजली देवी आदि मौजूद रहे।