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शिक्षामित्रों का धरना जारी
mau news
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:43 PM IST
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शिक्षामित्रों का धरना जारी
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मऊ। प्राथमिक शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर मेें धरना प्रदर्शन किया। मांगे न माने के विरोध में 21 अगस्त को लखनऊ धरना देने का ऐलान किया।
जिलाध्यक्ष रामकवल यादव ने कहा कि इस सरकार की मानसिकता ठीक नहीं लगती है। इसलिए हम लखनऊ पहुंचकर अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। इसके बाद भी हमारी मांग नहीं मानी गई तो दिल्ली में भी धरना देंगे। जिला संयोजक जंगशेर बहादुर राणा ने कहा कि आज तक हमने जिलास्तर पर सत्याग्रह शांतिपूर्वक तीन दिन तक किया, इसके बाद भी सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी, इसलिए हमें मजबूरन लखनऊ चलना ही होगा। संयोजक प्रवीण राय ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर हमारी मांगों को जल्द सुलझाना नहीं चाहती है। इसके लिए हमें संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा। जिला महामंत्री विद्यासागर ने कहा कि शिक्षामित्र अपने हक को लेने के लिए संघर्ष करने को तैयार हो जाएं। चंद्रभान यादव ने कहा कि संगठन जब तक शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो जाता तब तक सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा। बृजभूषण मौर्य ने कहा कि शिक्षामित्र संगठित होकर लखनऊ चलें और अपनी ताकत को दिखाते हुए संघर्ष के लिए तैयार रहें। यदि हमारा संघर्ष सफल हुआ तो इस सरकार को झुकना पड़ेगा। धरने को बलिराम चंद्र सिंह, हरि गोविंद, राजेश शुक्ल, रमेश चौहान, हरेंद्र यादव, लल्लन राजभर आदि ने संबोधित किया।
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जिलाध्यक्ष रामकवल यादव ने कहा कि इस सरकार की मानसिकता ठीक नहीं लगती है। इसलिए हम लखनऊ पहुंचकर अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। इसके बाद भी हमारी मांग नहीं मानी गई तो दिल्ली में भी धरना देंगे। जिला संयोजक जंगशेर बहादुर राणा ने कहा कि आज तक हमने जिलास्तर पर सत्याग्रह शांतिपूर्वक तीन दिन तक किया, इसके बाद भी सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी, इसलिए हमें मजबूरन लखनऊ चलना ही होगा। संयोजक प्रवीण राय ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर हमारी मांगों को जल्द सुलझाना नहीं चाहती है। इसके लिए हमें संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा। जिला महामंत्री विद्यासागर ने कहा कि शिक्षामित्र अपने हक को लेने के लिए संघर्ष करने को तैयार हो जाएं। चंद्रभान यादव ने कहा कि संगठन जब तक शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो जाता तब तक सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा। बृजभूषण मौर्य ने कहा कि शिक्षामित्र संगठित होकर लखनऊ चलें और अपनी ताकत को दिखाते हुए संघर्ष के लिए तैयार रहें। यदि हमारा संघर्ष सफल हुआ तो इस सरकार को झुकना पड़ेगा। धरने को बलिराम चंद्र सिंह, हरि गोविंद, राजेश शुक्ल, रमेश चौहान, हरेंद्र यादव, लल्लन राजभर आदि ने संबोधित किया।
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