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विरोध मार्च
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 10 Sep 2015 01:16 AM IST
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भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने प्रो. कलबुर्गी की हत्या के विरोध में
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बुधवारको विरोध मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने साथ राष्ट्रपति को
संबोधित जिलाधिकारी को चार सूत्री मांगपत्र सौंपा।
इस दौरान विरोध करने वालों ने कहा कि दाभोलकर पंसारे कलबुर्गी जैसे शोध प्रवृत्ति विद्वानों की हत्या यह बताती है कि हमारे देश में प्रगतिवादी व कट्टरपंथी तत्वों का बोलबाला बढ़ रहा है। ये तत्व तार्किक सोच को उखाड़ फेंकना चाहते हैं।
उनकी हत्या इसलिए कर दी गई कि वे धर्मांधता, अंधविश्वास, पाखंड के विरुद्ध अपनी रचनात्मक ऊर्जा का इस्तेमाल करते हुए समाज में बेहतर मूल्यों की स्थापना के लिए काम करने में जुटे थे।
धर्मांधता चाहे किसी भी धर्म की हो। वोट की राजनीति करने वाली पार्टियों ने धार्मिक उन्माद करने वाले अराजकतत्वों को प्रोत्साहन देने का काम किया है। कट्टरपंथी तत्वों ने उस बुनियाद को हिलाकर रख दिया है।
दुनिया के जिन मुल्कों में कट्टरता व दहशतगर्दी का मनुष्य विरोध खेल खेल रहा है। उससे सबक लेकर कट्टरता के विरुद्ध प्रतिरोध की जरूरत है। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने कहा कि हत्यारों को गिरफ्तार करें, जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो।
इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपा। इस दौरान दयाशंकर तिवारी, बसंत कुमार, मैनेजर विश्वकर्मा, जयप्रकाश धूमकेतु, देवेंद्र प्रसाद मिश्र,एकबाल,मनोज सिंह, अर्चना उपाध्याय, अरविंद मूर्ति, विरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
इस दौरान विरोध करने वालों ने कहा कि दाभोलकर पंसारे कलबुर्गी जैसे शोध प्रवृत्ति विद्वानों की हत्या यह बताती है कि हमारे देश में प्रगतिवादी व कट्टरपंथी तत्वों का बोलबाला बढ़ रहा है। ये तत्व तार्किक सोच को उखाड़ फेंकना चाहते हैं।
उनकी हत्या इसलिए कर दी गई कि वे धर्मांधता, अंधविश्वास, पाखंड के विरुद्ध अपनी रचनात्मक ऊर्जा का इस्तेमाल करते हुए समाज में बेहतर मूल्यों की स्थापना के लिए काम करने में जुटे थे।
धर्मांधता चाहे किसी भी धर्म की हो। वोट की राजनीति करने वाली पार्टियों ने धार्मिक उन्माद करने वाले अराजकतत्वों को प्रोत्साहन देने का काम किया है। कट्टरपंथी तत्वों ने उस बुनियाद को हिलाकर रख दिया है।
दुनिया के जिन मुल्कों में कट्टरता व दहशतगर्दी का मनुष्य विरोध खेल खेल रहा है। उससे सबक लेकर कट्टरता के विरुद्ध प्रतिरोध की जरूरत है। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने कहा कि हत्यारों को गिरफ्तार करें, जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो।
इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपा। इस दौरान दयाशंकर तिवारी, बसंत कुमार, मैनेजर विश्वकर्मा, जयप्रकाश धूमकेतु, देवेंद्र प्रसाद मिश्र,एकबाल,मनोज सिंह, अर्चना उपाध्याय, अरविंद मूर्ति, विरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।