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प्रधानाचार्य आवासीय माध्यमिक विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
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मऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य, प्रबंधक आवास होने की स्थिति में परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया जाएगा। परिषद की ओर से जारी गाइडलाइन में इस तरह के स्कूल को किसी हाल में केंद्र न बनाना शामिल है। राजकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की वर्ष 2021 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति जारी कर दी गई है। जिले के समस्त माध्यमिक विद्यालयों से बोर्ड की वेबसाइट पर आधारभूत सुविधाओं की सूचना अपलोड किए जाने के बाद जिला प्रशासन की तरफ से गठित चार सदस्यीय टीम सत्यापन कर रही है।
नए नियम के तहत टीम ऐसे वित्तविहीन विद्यालयों को चिह्नित कर रही है जिसमें प्रधानाचार्य, प्रबंधक का आवास स्कूल परिसर में ही है। ऐसे माध्यमिक स्कूलों को परीक्षा केंद्र की प्रस्तावित सूची से बाहर कर दिया जाएगा। परिषद की ओर से आए निर्देश में इस तरह के विद्यालय को किसी हाल में केंद्र न बनाने का फरमान शामिल है। राजकीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों पर यह नियम लागू नहीं होगा। गत वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा मेें 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
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कोविड गाइड लाइन के तहत होने वाली बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष बोर्ड परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 16 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त सहित 517 माध्यमिक विद्यालय हैं। वर्ष 2021 में यूूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में हाईस्कूल में 48999, इंटरमीडिएट में 42199 सहित 91198 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस बाबत प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज तिवारी का कहना है कि जिस वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य, प्रबंधक का आवास होने की स्थिति में परीक्षा केंद्र नहीं बनेगा। राजकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों को छूट दी गई है।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की वर्ष 2021 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति जारी कर दी गई है। जिले के समस्त माध्यमिक विद्यालयों से बोर्ड की वेबसाइट पर आधारभूत सुविधाओं की सूचना अपलोड किए जाने के बाद जिला प्रशासन की तरफ से गठित चार सदस्यीय टीम सत्यापन कर रही है।
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नए नियम के तहत टीम ऐसे वित्तविहीन विद्यालयों को चिह्नित कर रही है जिसमें प्रधानाचार्य, प्रबंधक का आवास स्कूल परिसर में ही है। ऐसे माध्यमिक स्कूलों को परीक्षा केंद्र की प्रस्तावित सूची से बाहर कर दिया जाएगा। परिषद की ओर से आए निर्देश में इस तरह के विद्यालय को किसी हाल में केंद्र न बनाने का फरमान शामिल है। राजकीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों पर यह नियम लागू नहीं होगा। गत वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा मेें 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
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कोविड गाइड लाइन के तहत होने वाली बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष बोर्ड परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 16 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त सहित 517 माध्यमिक विद्यालय हैं। वर्ष 2021 में यूूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में हाईस्कूल में 48999, इंटरमीडिएट में 42199 सहित 91198 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस बाबत प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज तिवारी का कहना है कि जिस वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य, प्रबंधक का आवास होने की स्थिति में परीक्षा केंद्र नहीं बनेगा। राजकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों को छूट दी गई है।