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मुस्लिम बंधुओं ने अदा की चौथे जुमा की नमाज
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 10 Jul 2015 11:15 PM IST
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रमजान माह का 22वां रोजा और चौथे जुमा के दिन सुबह से ही हो रही बारिश से मौसम सुहावना रहा। जुमा के दिन मुस्लिमों ने रोजा रखने के साथ ही पांचों वक्त की नमाज अदा की। इसके चलते नगर सहित जिले की 141मजिस्दों व ईदगाहों पर अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
रमजान माह का चौथा जुमा होने के चलते नगर के मस्जिद अनस बुलाकीपुरा, जामा मस्जिद धोबिया इमली, जामा मस्जिद बेलाल सहित जिले के प्रमुख मस्जिदों व ईदगाहों पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नमाज अदा की। लोग तरावीह के माध्यम से अपना अधिकांश समय रोजा रखने और खुदा की इबादत करने में ही व्यस्त रहे।
सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश होने के चलते मौसम सुहावना होने के चलते रोजेदारों को अन्य दिनों की अपेक्षा काफी राहत मिली। तीस दिनों के मुस्लिम त्योहार लोकप्रिय रोजा के रूप में कहा जाता है।
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यह मुस्लिम बंधुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध त्योहार है। इन 30 दिनों के दौरान मुस्लिम बंधुओं को उपवास करना होता है। वे अपने पवित्र पुस्तक कुरान पढ़ने के बाद खाना खाते हैं। यह एक बहुत बड़ा मुस्लिम त्योहार है। मुस्लिम बंधु खुशी के साथ इस तीस दिन के त्योहार को मनाते हैं।
उपवास, एक महत्वपूर्ण इस्लामी अनुष्ठान रमजान के हर अरबी महीने में फिर से और फिर वापस आता है।रमजान का महीना बेहद पाक और रहमतों वाला होता है. इस महीने में इबादत का ज्यादा शबाब मिलता है।
रमजान के मद्देनजर देर शाम तक बाजारों में चहल पहल रह रही है। हर तरफ सेवई, खजूर व ब्रेड व अन्य खाद्य सामग्री की सजी दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। उधर अघोषित बिजली कटौती का क्रम जारी रहने से ग्रामीण इलाकों के रोजेदारों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहाहै। तड़के बिजली गुल रहने से अंधेरे में सहरी करना पड़ रहा है।
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रमजान माह का चौथा जुमा होने के चलते नगर के मस्जिद अनस बुलाकीपुरा, जामा मस्जिद धोबिया इमली, जामा मस्जिद बेलाल सहित जिले के प्रमुख मस्जिदों व ईदगाहों पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नमाज अदा की। लोग तरावीह के माध्यम से अपना अधिकांश समय रोजा रखने और खुदा की इबादत करने में ही व्यस्त रहे।
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सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश होने के चलते मौसम सुहावना होने के चलते रोजेदारों को अन्य दिनों की अपेक्षा काफी राहत मिली। तीस दिनों के मुस्लिम त्योहार लोकप्रिय रोजा के रूप में कहा जाता है।
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यह मुस्लिम बंधुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध त्योहार है। इन 30 दिनों के दौरान मुस्लिम बंधुओं को उपवास करना होता है। वे अपने पवित्र पुस्तक कुरान पढ़ने के बाद खाना खाते हैं। यह एक बहुत बड़ा मुस्लिम त्योहार है। मुस्लिम बंधु खुशी के साथ इस तीस दिन के त्योहार को मनाते हैं।
उपवास, एक महत्वपूर्ण इस्लामी अनुष्ठान रमजान के हर अरबी महीने में फिर से और फिर वापस आता है।रमजान का महीना बेहद पाक और रहमतों वाला होता है. इस महीने में इबादत का ज्यादा शबाब मिलता है।
रमजान के मद्देनजर देर शाम तक बाजारों में चहल पहल रह रही है। हर तरफ सेवई, खजूर व ब्रेड व अन्य खाद्य सामग्री की सजी दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। उधर अघोषित बिजली कटौती का क्रम जारी रहने से ग्रामीण इलाकों के रोजेदारों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहाहै। तड़के बिजली गुल रहने से अंधेरे में सहरी करना पड़ रहा है।