मऊ: ऊर्जा मंत्री के जिले में 'जुगाड़' के सहारे बिजली, जंग लगे खंभे सीमेंट से ढके; वेल्डिंग से छिपाई लापरवाही
उर्जा मंत्री के जिले में जर्जर खंभों पर बिजली व्यवस्था टिकी है। कई जगहों पर लोहे के खंभे झड़ चुके हैं। कई जगहों पर बदलने के बजाए वेल्डिंग कर जिम्मेदारों ने औपचारिकता पूरी कर ली।
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विस्तार
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के जिले में दो दशक पुराने और जर्जर बिजली के खंभे गंभीर हादसों का कारण बन सकते हैं। ये खंभे न केवल जानलेवा साबित हो रहे हैं, बल्कि बिजली निगम की घोर लापरवाही को भी उजागर कर रहे हैं। कई स्थानों पर लोहे के ये खंभे पूरी तरह से जंग खा चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं। चौंकाने वाली बात है कि शिकायतों पर इसे बदलने के बजाए वेल्डिंग लगाकर औपचारिकता पूरी कर ली गई है। जबकि करीब 100 करोड़ वाली रिवेंप योजना के तहत जर्जर तारों के साथ इन दशकों पुराने लोहे के खंभों को बदलना था।
जर्जर खंभों को लेकर संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने बुधवार को सात जगहों पर पड़ताल की, जहां उन्हें जर्जर खंभों की स्थिति देखने को मिली। टीम सबसे पहले नगर के जिला अस्पताल कॉलोनी पहुंची, यहां मंदिर के पास लगा बिजली खंभा नीचे से बिल्कुल झड़ा हुआ दिखा, जबकि लोहे के खंभे से ही बिजली की आपूर्ति होती है।वहीं निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले में व्हाइट पैलेस को जाने वाली गली में लोहे का खंभा भी नीचे से झड़ा हुआ मिला।
इसी तरह से टीसीआई मोड़ के पास भी लगा दो बिजली खंभा झड़ा हुआ मिला, वहीं बंधा रोड पर भी ऐसा ही एक खंभे में देखने को मिला। वहीं निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले में एक बिजली खंभा जो कि नीचे से झड़ा हुआ था, उसमें नीचे लोहे का एंगल लगाकर वेल्डिंग होना मिला।
मानसून में जर्जर खंभे बन सकते हैं हादसे का सबब
जिला अस्पताल कॉलोनी निवासी अविनाश सिंह, अमिला निवासी सुनील , निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले निवासी विनोद पांडेय आदि ने बताया कि जर्जर खंभों को बदलने के लिए बिजली निगम से बार-बार मांग की है।इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति मानसून के दौरान और भी खतरनाक हो जाती है। तेज हवा और बारिश से इन खंभों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। लोहे के ये खंभे अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। इनकी वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। राहगीरों और वाहनों के लिए ये खंभे लगातार खतरा बने हुए हैं। बिजली निगम की यह अनदेखी लोगों की जान जोखिम में डाल रही है। ऊर्जा मंत्री के अपने जिले में ऐसी स्थिति होना चिंताजनक है।
लोगों की प्रतिक्रिया
जर्जर लोहे के खंभा को बदलने को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं, आश्वासन तो मिलता है लेकिन यह खंभा पिछले कई माह से इसी अवस्था में पड़ा हुआ है। किसी दिन यह हादसे का सबब बनेगा उसके बाद जिम्मेदारों की चेतना टूटने के बाद ही यह समस्या का निस्तारण होगा। -जितेंद्र प्रसाद चक भीखमपुर
नगर क्षेत्र में जर्जर खंभों के सहारे बिजली आपूर्ति होने से हर समय हादसे का डर बना रहता है। विभाग की ओर से एंगल लगाकर वेल्डिंग तो कराई गई है। लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। बारिश और तेज हवा में खंभा गिरने की आशंका बनी रहती है। जिम्मेदारों को जल्द से जल्द जर्जर खंभों को बदलकर नए खंभे लगाने चाहिए। -सुरेंद्र यादव, अमिला नगरवासी
अधिकारी बोले
मामला बेहद गंभीर है, लेकिन मैंने आज ही कार्यभार संभाला है। इसको लेकर तीन डिवीजनों में इस तरह के खंभे को चिहिन्त कराने का काम किया जाएगा। -बीपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, मऊ