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‘आईना’ से पुलिस सुधारेगी अपनी छवि
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sun, 08 Feb 2015 11:33 PM IST
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पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए नवागत डीआईजी प्रशांत कुमार आपरेशन आईना चलवाएंगे। इसके तहत विवेचकों की जिम्मेदारी तो तय ही होगी, वादी मुकदमा को भी अपने मुकदमों के बारे में क्या हो रहा है इसकी जानकारी मिलती रहेगी।
इसके लिए डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है। यह जानकारी उन्होंने रविवार को पीडब्लूडी के डाकबंगले में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। पुलिस और पब्लिक के बीच अच्छे संबंध तभी हो सकते हैं, जब एक दूसरे का विश्वास जीता जाए।
कहा कि पुलिस के पास आने वाले मामलों में लोगों को उनके काम के बारे में भी जानकारी हासिल करने का हक है। अधिकांश दर्ज मुकदमों में वादी को किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिल पाती है।
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इसके चलते वह आए दिन इधर उधर भटकता रहता है। ऐसे में आपरेशन आईना पुलिस का छवि सुधारने के लिए है। प्रत्येक थाने में दर्ज होने वाले मुकदमों के बारे में क्या कार्रवाई हुई, इसकी एक माह के निश्चित समय पर समीक्षा होगी। सभी वादी ससम्मान बुलाए जाएंगे।
इस दिन सभी विवेचक भी उपस्थित रहेंगे। इसमें एक उच्चाधिकारी भी उपस्थित होगा जो वादी मुकदमा और वादी के बीच की दूरी के बीच की कड़ी साबित होगा। मुकदमे के प्रगति के बारे में वादी को बताया जाएगा, साथ ही जो भी तथ्य या जानकारी की जरूरत होगी उसे पूरा भी किया जाएगा।
इससे न सिर्फ लंबित विवेचनाओं के यथाशीघ्र निस्तारण में मदद मिलेगी, बल्कि विवेचक की मनमानी पर भी अंकुश लगेगा। किसी ऐसे मामले में जहां विवेचक अपनी मनमानी के आधार पर एफआर लगाने की तैयारी करेगा, तो भी वादी मुकदमा को जानकारी होगी।
ताकि समय रहते उसके पास कोई साक्ष्य हो तो वह उपलब्ध करा सके। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि प्रत्येक महीने के दूसरे शनिवार या कोई निश्चित तिथि तय कर इसका त्वरित अनुपालन किया जाए।
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इसके लिए डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है। यह जानकारी उन्होंने रविवार को पीडब्लूडी के डाकबंगले में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। पुलिस और पब्लिक के बीच अच्छे संबंध तभी हो सकते हैं, जब एक दूसरे का विश्वास जीता जाए।
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कहा कि पुलिस के पास आने वाले मामलों में लोगों को उनके काम के बारे में भी जानकारी हासिल करने का हक है। अधिकांश दर्ज मुकदमों में वादी को किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिल पाती है।
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इसके चलते वह आए दिन इधर उधर भटकता रहता है। ऐसे में आपरेशन आईना पुलिस का छवि सुधारने के लिए है। प्रत्येक थाने में दर्ज होने वाले मुकदमों के बारे में क्या कार्रवाई हुई, इसकी एक माह के निश्चित समय पर समीक्षा होगी। सभी वादी ससम्मान बुलाए जाएंगे।
इस दिन सभी विवेचक भी उपस्थित रहेंगे। इसमें एक उच्चाधिकारी भी उपस्थित होगा जो वादी मुकदमा और वादी के बीच की दूरी के बीच की कड़ी साबित होगा। मुकदमे के प्रगति के बारे में वादी को बताया जाएगा, साथ ही जो भी तथ्य या जानकारी की जरूरत होगी उसे पूरा भी किया जाएगा।
इससे न सिर्फ लंबित विवेचनाओं के यथाशीघ्र निस्तारण में मदद मिलेगी, बल्कि विवेचक की मनमानी पर भी अंकुश लगेगा। किसी ऐसे मामले में जहां विवेचक अपनी मनमानी के आधार पर एफआर लगाने की तैयारी करेगा, तो भी वादी मुकदमा को जानकारी होगी।
ताकि समय रहते उसके पास कोई साक्ष्य हो तो वह उपलब्ध करा सके। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि प्रत्येक महीने के दूसरे शनिवार या कोई निश्चित तिथि तय कर इसका त्वरित अनुपालन किया जाए।