फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   PHC-CHC in the same campus for four years, yet no treatment facility

Mau News: चार साल से एक ही कैंपस में पीएचसी-सीएचसी, फिर भी इलाज की सुविधा नहीं

Thu, 24 Apr 2025 12:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Apr 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
PHC-CHC in the same campus for four years, yet no treatment facility
मझवारा। जिले का दरियाबाद स्थित सरकारी अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। इसको लेकर मरीज हमेशा उलझन में रहते हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि दरियाबाद घोसी तहसील का अतिरिक्त सीएचसी है, लेकिन 2021 से जर्जर भवन के चलते इसी भवन में चार साल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझवारा का भी संचालन किया जा रहा है।
विज्ञापन

दूसरी तरफ से एक ही परिसर में दो सरकारी अस्पताल होने के बाद भी यहां डाक्टरों की कमी से मरीज निजी अस्पताल या बीस किमी दूर घोसी सीएचसी या जिला अस्पताल में इलाज कराने को बाध्य हैं। मझवारा कस्बा और आसपास के 30 गांव की एक लाख की आबादी को बेहतर उपचार के लिए 2021 में यहां घोसी सीएचसी के अतिरिक्त सीएचसी के रूप में दरियाबाद में सीएचसी शुरू किया गया। लेकिन बीते चार साल में यहां आठ चिकित्सकों के बजाए केवल एक डाक्टर की तैनाती कर यहां एक लाख लोगों के इलाज की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन

आंकड़ों के अनुसार 30 बेड के इस अस्पताल में सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, दंतरोग विशेषज्ञ और बालरोग विशेषज्ञ डाॅक्टर की तैनाती है। वर्तमान में यहां केवल एक एमबीबीएस डाॅक्टर शारीक कादिर अंसारी के साथ फार्मासिस्ट अरुण कुमार राय, एएनएम बबीता राय, एचएस के पद पर शिवकुमार, एलटी के पद रामायण यादव और कुसुमलता की तैनाती कर यहां आने वाले 100 मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी सीएचसी के भवन में मझवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी संचालन 2021 से किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पीएचसी के लिए यहां डाक्टर संगीता चौहान की तैनाती है। अस्पताल के मुुख्य द्वार पर जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिखा गया है, वहीं अंदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझवारा लिखा गया है। इसी अस्पताल को रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिखाया जाता है। सीएचसी प्रभारी डाॅक्टर शारीक का कहना है कि डाक्टर की कमी है, कई बार आला अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करा दिया गया। एक भवन में सीएचसी-पीएचसी का संचालन जर्जर भवन होने से इसी भवन में मझवारा पीएचसी का संचालन विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर किया जा रहा है। इसलिए सीएचसी-पीएचसी दोनों की सूचना अस्पताल के मुख्य गेट पर अंकित है।
बनाया एक्सरे रूम, पर नहीं भेजी मशीन
मझवारा। सीएचसी में न तो स्वीपर की तैनाती है न ही चौकीदार, वार्ड बॉय की। वहीं जांच के नाम पर एक्सरे रूम तो बनाया गया, लेकिन एक्सरे मशीन भेजना ही जिम्मेदार भूल गए। वहीं दो साल पहले दंतरोग विभाग के संचालन को लेकर लाखों की मशीन यहां भेज दी गई है, लेकिन वह अब तक इंस्ट्राॅल नहीं हो सकी। यहां मरीजों को शुद्ध पेयजल के लिए पानी की टंकी भी शोपीस बनी हुई है।

एक ही परिसर में दो अस्पतालों के संचालन की जानकारी है। सीएचसी में एक डॉक्टर तैनात है। डॉक्टरों की कमी के चलते ऐसा है। चिकित्सकों की मांग की गई है। जैसे मांग पूरी होगी जहां भी डॉक्टरों की कमी है, वहां तैनाती की जाएगी। - डॉक्टर राहुल सिंह, सीएमओ, मऊ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed