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लगातार तीन दिनों की बारिश के बाद निकली तेज धूप से बेहाल रहे लोग

Mon, 31 May 2021 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 31 May 2021 11:24 PM IST
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People suffering from scorching sun after three consecutive days of rain
मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों मे लगातार तीन दिनों तक चक्रवाती बारिश के बाद सोमवार को मौसम खुला रहा। सुबह से ही धूप निकली। तीखी धूप के चलते उमस बढ़ने से लोग परेशान रहे। छांव में भी रुकने पर पसीने छूट रहे थे। इसके चलते लोग कूलर, पंखों का सहारा लेने पर विवश हो गए। बारिश के बाद अब बीमारियों के बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
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जिले में चक्रवाती तूफान की वजह से लगातार तीन दिनों तक रुक-रुककर हुई बारिश के चलते मौसम ठंडा हो गया था। मई महीने में बरसात जैसा मौसम होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। सोमवार को सुबह से ही धूप के साथ दिन की शुरुआत हो गई थी। जैसे-जैसे दिन बढ़ा, धूप और तेज हो गई। दोपहर के समय तेज धूप से गर्मी का मौसम रहा। उमस के चलते लोग पसीनों से भीगे रहे थे।
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सोमवार को अधिकतम तापमान 35डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। उमस का कहर बरकरार रहा। बारिश के चलते अब संक्रमाक बीमारियों बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। जलभराव के चलते मलेरिया, डेंगू की बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि गर्मी बढ़ने पर डायरिया, बुखार, हीट स्ट्रोक आदि बीमारियों का प्रकोप हो सकता है।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खरीफ की फसल के लिए उपयुक्त समय है। मानसून सामान्य रहने का अनुमान बताया गया है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि मौसम विभाग की तरफ से मानसून सामान्य होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसान धान की नर्सरी डाल दें। गर्मी में खेतों की जुताई करा दें। गर्मी की जुताई से खेत की नमी काफी गहराई तक सूख जाती है। मिट्टी के सुराख खुल जाने से वर्षा जल बहुतायत से जमीन में सोख लिया जाता है, जिससे मिट्टी में जल धारण क्षमता बढ़ती है एवं नमी पर्याप्त मात्रा में खेत में संचित रहती है। खरपतवार के साथ ही जमीन में गहराई तक जमा कीट पतंगे नष्ट हो जाएंगे।
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