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कैश के लिए जूझते रहे लोग
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:30 PM IST
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नगर क्षेत्र के आजमगढ़ तिराहा स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम पर पैसा निकालने के लिए लगी लोगों की लंबी कतार।
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एक हजार और 500 रुपये के नोट को बंद हुए एक महीने होने को हैं लेकिन अभी भी बैंकों में फुटकर कैश या नए नोटों की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। ग्रामीण अंचलों के बैंक से लेकर शहरी क्षेत्र के कुछ बैंक अभी भी कैश की समस्या से जूझ रहे हैं। बैंक और एटीएम पर अभी भी सुबह से ही लाइन लगनी शुरू हो जा रही है। पेटीएम पूरे जनपद में महज एक प्रतिष्ठान पर लग पाया गया है। हालांकि बड़े कारोबारी स्वाइप कार्ड से भुगतान ले ले रहे हैं। इससे कुछ राहत मिली है। शहर के बैंकों पर भीड़ कम पर ग्रामीण इलाकों में लगी लंबी लाइन रही।
नोट के बंद होने को लेकर लोगों की समस्या अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाई है। बैंकों में अभी पर्याप्त कैश नहीं होने के चलते लोगों को मायूस होना पड़ जा रहा है। एटीएम की लाइन में खड़े दिनेश कुमार ने बताया कि उनका खाता देवरिया में है। उन्हें दस हजार रुपये की आवश्यकता है। दस हजार रुपये के लिए वह प्रतिदिन काम छोड़कर लाइन में लग जा रहे हैं। इससे उन्हें काफी परेशानी के साथ ही कार्य प्रभावित हो रहा है। बैंकों में अभी भी 500 रुपये के नए नोटों का दर्शन नहीं हो पाया है। 500 रुपये के नए नोटों के न होने से लोगों को फुटकर की समस्या से भी दो चार होना पड़ जा रहा है। जिन बैंकों में दो हजार रुपये का नोट मिल रहा है वहां से पैसे लेकर लोग बाजार में सामान खरीदने के लिए इधर उधर भटक जा रहे हैं।
दुबारी संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र में तीन बैंकों में से दो बैंकों पीएनबी और काशी गोमती बैंकों पर लगभग एक सप्ताह से कैश के अभाव में ग्राहकों को पेमेंट नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण खेती-बाड़ी से लेकर शादी-विवाह, दवा, पढ़ाई की फीस, विद्युत बिल, लेन-देन करने में परेशानियों का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। यूनियन बैंक दुबारी का एटीएम तो एक नवंबर से ही बंद है। नगद पेमेंट की गति कभी चालू तो कभी बंद ही रहती है। चक्की मुसाडोही निवासी पुष्पा देवी पति सुभाष चंद राजभर की लड़की की शादी आठ दिसंबर को है और तिलक चार दिसंबर को चढ़ाने जाना है।
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एक सप्ताह से प्रतिदिन वह पीएनबी की शाखा पर आती और लौट कर चली जा जाती है। पांच सौ रुपया खर्च हो गया आने में जाने में, क्योंकि बैंक से कई किलोमीटर दूरी चक्की मुसाडोही आने-जाने का रास्ता है। उसके खाते में मात्र पचास हजार है और तिलक में चढ़ाने के लिए एक पैसा उसके पास नही है। ज्यों-ज्यों तिलक शादी का दिन करीब आ रहा है उतनी ही चिंता बढ़ती जा रही है। शिवराजपूर निवासी सुभाष सिंह की लड़की शादी 13 दिसंबर को है और आठ को तिलक का दिन है। वह बैंक पर जाकर रोज वापस हो रहा है। रोज सुबह पांच बजे से ही लाइन लगाने के बाद भी बैंक खुलते दफ्ती लिखकर टांग दिया जाता है कि कैंश आने पर पेमेंट मिलेगा।
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नोट के बंद होने को लेकर लोगों की समस्या अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाई है। बैंकों में अभी पर्याप्त कैश नहीं होने के चलते लोगों को मायूस होना पड़ जा रहा है। एटीएम की लाइन में खड़े दिनेश कुमार ने बताया कि उनका खाता देवरिया में है। उन्हें दस हजार रुपये की आवश्यकता है। दस हजार रुपये के लिए वह प्रतिदिन काम छोड़कर लाइन में लग जा रहे हैं। इससे उन्हें काफी परेशानी के साथ ही कार्य प्रभावित हो रहा है। बैंकों में अभी भी 500 रुपये के नए नोटों का दर्शन नहीं हो पाया है। 500 रुपये के नए नोटों के न होने से लोगों को फुटकर की समस्या से भी दो चार होना पड़ जा रहा है। जिन बैंकों में दो हजार रुपये का नोट मिल रहा है वहां से पैसे लेकर लोग बाजार में सामान खरीदने के लिए इधर उधर भटक जा रहे हैं।
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दुबारी संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र में तीन बैंकों में से दो बैंकों पीएनबी और काशी गोमती बैंकों पर लगभग एक सप्ताह से कैश के अभाव में ग्राहकों को पेमेंट नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण खेती-बाड़ी से लेकर शादी-विवाह, दवा, पढ़ाई की फीस, विद्युत बिल, लेन-देन करने में परेशानियों का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। यूनियन बैंक दुबारी का एटीएम तो एक नवंबर से ही बंद है। नगद पेमेंट की गति कभी चालू तो कभी बंद ही रहती है। चक्की मुसाडोही निवासी पुष्पा देवी पति सुभाष चंद राजभर की लड़की की शादी आठ दिसंबर को है और तिलक चार दिसंबर को चढ़ाने जाना है।
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एक सप्ताह से प्रतिदिन वह पीएनबी की शाखा पर आती और लौट कर चली जा जाती है। पांच सौ रुपया खर्च हो गया आने में जाने में, क्योंकि बैंक से कई किलोमीटर दूरी चक्की मुसाडोही आने-जाने का रास्ता है। उसके खाते में मात्र पचास हजार है और तिलक में चढ़ाने के लिए एक पैसा उसके पास नही है। ज्यों-ज्यों तिलक शादी का दिन करीब आ रहा है उतनी ही चिंता बढ़ती जा रही है। शिवराजपूर निवासी सुभाष सिंह की लड़की शादी 13 दिसंबर को है और आठ को तिलक का दिन है। वह बैंक पर जाकर रोज वापस हो रहा है। रोज सुबह पांच बजे से ही लाइन लगाने के बाद भी बैंक खुलते दफ्ती लिखकर टांग दिया जाता है कि कैंश आने पर पेमेंट मिलेगा।