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भीषण गर्मी बना रही है लोगों को मरीज
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:14 PM IST
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जिला अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी महिला और पुरुषों की लंबी कतार
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सितंबर महीने में जेठ बैशाख सी भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसकी वजह से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इन दिनों अस्पतालों में आने वाले रोगियों में से 75 प्रतिशत रोगी भीषण गर्मी पड़ने से होने वाले रोगों के शिकार हैं।
इस वर्ष भादों महीने में एक दिन भी वर्षा नहीं हुई। सामान्यतया जून से लेकर सितंबर तक जनपद में 715 मिमी वर्षा होती है। लेकिन इस साल अब तक महज 270 मिमी वर्षा हुई। जिस भादों महीने में काले बादल और भारी से लेकर रिमझिम बरसात से मौसम सुहाना रहता है। जिले में संक्रामक रोग दिन पे दिन पैर पसार रहे हैं। मौसम में बदलाव के चलते वायरल फीवर, मलेरिया रोगों से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसका एक कारण बारिश के चलते जलभराव होना भी है। कई मोहल्लों में जलनिकासी न होने से जलभराव के हालत बने हैं। यहां संक्रामक रोग फैल सकते हैं। वहीं कई क्षेत्रों में फॉगिंग भी नहीं कराई है।
जिला अस्पताल में औसतन साढ़े चार से लेकर पांच सौ मरीज ओपीडी में आते हैं। जब कि इसके पूर्व जून, जुलाई के समय में औसतन मरीजों की संख्या ढाई सौ से तीन सौ मरीजों की ही थी। इन दिनों 75 फीसदी मरीज वायरल फीवर, उल्टी-दस्त , डायरिया और पेट संबंधी रोगों से ग्रस्त हैं। यही हाल नर्सिंग होमों का भी है। प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या में प्रति दिन इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल सहित जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों का घोर अभाव है। वरिष्ठ फीजिशियन डॉ. योगेंद्र यादव का कहना है कि तीखी धूप से यथा संभव बचें और सीधी धूप से बचने के लिए यथा संभव सूूती वस्त्रों का इस्तेमाल करें। जिले के विभिन्न अस्पतालों में इन दिनों वायरल फीवर, डायरिया, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, खांसी और जुकाम से पीड़ित रोगी अधिक आ रहे हैं। इसके जिला अस्पताल में रोगियों की लंबी लाइनें लगी नजर आती हैं। नगरपालिका की निवर्तमान चेयरमैन शाहीना अरशद जमाल कहती हैं कि नगर में जहां जलभराव होता है वहां पालिका द्वारा पानी निकालने वाला पंपसेट भेजा जाता है। जिन मोहल्लों से शिकायत आती है वहां तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाती है वहीं साफ सफाई की भी व्यवस्था की जाती है। दुबारीः गंगऊपुर स्थित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में गांव के सार्वजनिक नाली का गंदा पानी जमा हो रहा है। इससे यहां उठने वाली दुर्गंध से बीमारियां फैलने की आशंकाएं बढ़ गई है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सूर्यभान शर्मा का कहना है कि समस्या के संबंध मेें विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा गया है।
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इस वर्ष भादों महीने में एक दिन भी वर्षा नहीं हुई। सामान्यतया जून से लेकर सितंबर तक जनपद में 715 मिमी वर्षा होती है। लेकिन इस साल अब तक महज 270 मिमी वर्षा हुई। जिस भादों महीने में काले बादल और भारी से लेकर रिमझिम बरसात से मौसम सुहाना रहता है। जिले में संक्रामक रोग दिन पे दिन पैर पसार रहे हैं। मौसम में बदलाव के चलते वायरल फीवर, मलेरिया रोगों से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसका एक कारण बारिश के चलते जलभराव होना भी है। कई मोहल्लों में जलनिकासी न होने से जलभराव के हालत बने हैं। यहां संक्रामक रोग फैल सकते हैं। वहीं कई क्षेत्रों में फॉगिंग भी नहीं कराई है।
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जिला अस्पताल में औसतन साढ़े चार से लेकर पांच सौ मरीज ओपीडी में आते हैं। जब कि इसके पूर्व जून, जुलाई के समय में औसतन मरीजों की संख्या ढाई सौ से तीन सौ मरीजों की ही थी। इन दिनों 75 फीसदी मरीज वायरल फीवर, उल्टी-दस्त , डायरिया और पेट संबंधी रोगों से ग्रस्त हैं। यही हाल नर्सिंग होमों का भी है। प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या में प्रति दिन इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल सहित जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों का घोर अभाव है। वरिष्ठ फीजिशियन डॉ. योगेंद्र यादव का कहना है कि तीखी धूप से यथा संभव बचें और सीधी धूप से बचने के लिए यथा संभव सूूती वस्त्रों का इस्तेमाल करें। जिले के विभिन्न अस्पतालों में इन दिनों वायरल फीवर, डायरिया, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, खांसी और जुकाम से पीड़ित रोगी अधिक आ रहे हैं। इसके जिला अस्पताल में रोगियों की लंबी लाइनें लगी नजर आती हैं। नगरपालिका की निवर्तमान चेयरमैन शाहीना अरशद जमाल कहती हैं कि नगर में जहां जलभराव होता है वहां पालिका द्वारा पानी निकालने वाला पंपसेट भेजा जाता है। जिन मोहल्लों से शिकायत आती है वहां तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाती है वहीं साफ सफाई की भी व्यवस्था की जाती है। दुबारीः गंगऊपुर स्थित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में गांव के सार्वजनिक नाली का गंदा पानी जमा हो रहा है। इससे यहां उठने वाली दुर्गंध से बीमारियां फैलने की आशंकाएं बढ़ गई है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सूर्यभान शर्मा का कहना है कि समस्या के संबंध मेें विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा गया है।
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