मऊ। बारिश के बाद तेज धूप से तापमान में काफी बदलाव आया है, ऐसे में बदले मौसम से कई बीमारियों ने पांव पसार लिए हैं। जिला अस्पताल सहित सरकारी अस्पतालों में दाद-खुजली, दस्त के साथ सर्दी, खांसी, बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने लगी है। सरकारी अस्पताल में इन रोगों के मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। 20 फीसदी तक जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। जिला अस्पताल में आम तौर पर ओपीडी 400-500 तक होती है, लेकिन यह अब बढ़कर 550- से 600 से ज्यादा पहुंच चुकी है।जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि मौसम में हुए बदलाव से वायरल फीवर,सर्दी और खांसी के साथ उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है।गर्मी और उसम का लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड रहा है।जिला अस्पताल की ओपीडी में उल्टी, दस्त, बुखार, सांस रोग, खून की कमी, लीवर में पानी की कमी के मरीजों की संख्या बढ़ी है।जिले में अब अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक पहुंच रहा है। उमस के कारण अब लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। बारिश न होने से और धूप और उमस बच्चों को भारी पड़ रही है। उल्टी, दस्त के साथ बुखार और दाद-खुजली के बच्चे शिकार हो रहे हैं। इन दिनों जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। बाल रोग विशेषज्ञ इसे मौसम का असर बता रहे हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी सिंह बताते है कि बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। इनमें करीब 70 फीसदी उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज हैं। इसके अलावा दाद, खुजली तथा त्वचा की बीमारियों वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। सीएमओ डॉ. जीसी पाठक ने बताया कि तेज धूप और उमस से वायरल फीवर बढ़ा है। डायरिया, सर्दी, खांसी, खुजली, फंगल इंफेक्शन, आदि के मरीज भी बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा बच्चे दस्त की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को बीमार होने से बचाने के लिए अभिभावकों को एहतियात बरतनी होगी। ताजा भोजन और पानी उबालकर दें।