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माता पिता की सेवा करने से होगा कल्याण
mau
Updated Sat, 18 Feb 2017 11:16 PM IST
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वैष्णों महायज्ञ में शामिल श्रद्धालु।
- फोटो : mau
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कस्बा स्थित अंतर्राष्ट्रीय मातेश्वरी धाम पर चल रहे 25008 कुंडीय मां वैष्णो देवी महायज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालु यज्ञ स्थल पर उमड़ पड़े। उन्होंने यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर पुण्य प्राप्त किया। श्रद्धालुओं को प्रवचन के दौरान सद्गुरु महराजा ने कहा कि माता पिता की सेवा करने से ही इस जीवन में कल्याण हो सकेगा।
कहा कि हर धर्मो में धर्म गुरूओं की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। कुछ धर्म गुरू मंच से कहते कुछ और करते कुछ और हैं। लेकिन ऐसे धर्म गुरूओं से सावधान रहना होगा। इसके लिए आपको सच्चे धर्मगुरू की तलाश करना होगा जो आपको सत्संग से ही मिल सकता है। कोई भी धर्म, मजहब आपस में बैर नहीं सिखाता।
उन्होंने कहा कि हर धर्म का सम्मान करना चाहिए। यदि ध्यान से देखा जाए तो बाइबिल, कुरान, पुराण उनकी शाखा ऊपर कहीं भी जाती हो लेकिन जड़ में एक ही बात रहती है वह यह है कि इसाई ईशु, मुसलमान अल्लाह को, और हिंदू राम को पूजते हैं। जबकि सबको जन्म देने वाली मां विश्व नियन्ता आदि शक्ति मां ही है। कहा कि मां जगत नियंता है।
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जिस तरह मां के चरणों में आकर शीश नवाते हो उसी तरह अपने माता-पिता के चरणों में शीश नवाकर उनकी सेवा करना यही मां तुम्हारे कल्याण के लिए अपना सबकुछ अर्पण कर देगी। इधर मुस्लिम संप्रदाय के डॉ. शमसुज्जुहा ने भी महाराज से आशीर्वाद लिया। महायज्ञ में वृंदावन से पधारे रासलीला कलाकारों ने राधा-कृष्ण की भूमिका में मोर-मोरनी के वेश में गोपीयों संग नृत्य कर सबका मन-मोह लिया।
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कहा कि हर धर्मो में धर्म गुरूओं की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। कुछ धर्म गुरू मंच से कहते कुछ और करते कुछ और हैं। लेकिन ऐसे धर्म गुरूओं से सावधान रहना होगा। इसके लिए आपको सच्चे धर्मगुरू की तलाश करना होगा जो आपको सत्संग से ही मिल सकता है। कोई भी धर्म, मजहब आपस में बैर नहीं सिखाता।
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उन्होंने कहा कि हर धर्म का सम्मान करना चाहिए। यदि ध्यान से देखा जाए तो बाइबिल, कुरान, पुराण उनकी शाखा ऊपर कहीं भी जाती हो लेकिन जड़ में एक ही बात रहती है वह यह है कि इसाई ईशु, मुसलमान अल्लाह को, और हिंदू राम को पूजते हैं। जबकि सबको जन्म देने वाली मां विश्व नियन्ता आदि शक्ति मां ही है। कहा कि मां जगत नियंता है।
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जिस तरह मां के चरणों में आकर शीश नवाते हो उसी तरह अपने माता-पिता के चरणों में शीश नवाकर उनकी सेवा करना यही मां तुम्हारे कल्याण के लिए अपना सबकुछ अर्पण कर देगी। इधर मुस्लिम संप्रदाय के डॉ. शमसुज्जुहा ने भी महाराज से आशीर्वाद लिया। महायज्ञ में वृंदावन से पधारे रासलीला कलाकारों ने राधा-कृष्ण की भूमिका में मोर-मोरनी के वेश में गोपीयों संग नृत्य कर सबका मन-मोह लिया।