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मंडी शुल्क लागू करने से व्यापारियों में आक्रोश
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दोहरीघाट (मऊ)। प्रदेश में दोबारा मंण्डी शुल्क लागू होने से व्यापारियों में आक्रोश है। व्यापारियों के एक प्रतिनिधि मंडल व्यापार मंडल के अध्यक्ष शिव कुमार जायसवाल के नेतृत्व में कृषि उत्पादन मंडी के सचिव विजय कुमार चौधरी को मुख्यमंत्री के नाम पत्रक सौंपा। व्यापारियों ने दुबारा लागू किये गए मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग की।
व्यापार मण्डल अध्यक्ष शिवकुमार जायसवाल ने बताया कि मंण्डी शुल्क में व्याप्त भ्रष्टाचार को व व्यापारियों के शोषण को लेकर, देश के प्रधानमंत्री ने हमारे दर्द को समझा और मंडी शुल्क खत्म कर दिया लेकिन एक बार फिर मंडी शुल्क लागू होने से व्यापारी सकते में है। कहा कि व्यापारी एक बार फिर शोषण के शिकार होंगे।
जिला मंत्री स्वतंत्र कुमार साहू ने कहा कि दोबारा मंण्डी शुल्क लागू होने से भ्रष्टाचार बढ़ेगा। मंडी शुल्क का दो तिहाई हिस्सा मंडी सचिव व कर्मचारियों की जेब में जाता है। ऐसे में हर हाल में मण्डी शुल्क समाप्त किया जाये। कहा कि अन्य राज्यों में मंण्डी शुल्क की व्यवस्था खत्म कर दिया गया है तो उत्तर प्रदेश में क्यों मंडी शुल्क लागू किया गया है। व्यापारी नेताओं ने कहा कि इसे खत्म नहीं किया गया तो व्यापारी आंदोलन करने के लिये मजबूर हो जायेंगे। पत्रक सौंपने वालों में फूलचन्द मद्धेशिया, सुधीर गुप्त, संजय गुप्ता, राहुल गुप्ता, पंकज गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, नासिर अहमद, विजय गुप्ता, किशन गुप्ता, आकाश गुप्ता समेत आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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व्यापार मण्डल अध्यक्ष शिवकुमार जायसवाल ने बताया कि मंण्डी शुल्क में व्याप्त भ्रष्टाचार को व व्यापारियों के शोषण को लेकर, देश के प्रधानमंत्री ने हमारे दर्द को समझा और मंडी शुल्क खत्म कर दिया लेकिन एक बार फिर मंडी शुल्क लागू होने से व्यापारी सकते में है। कहा कि व्यापारी एक बार फिर शोषण के शिकार होंगे।
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जिला मंत्री स्वतंत्र कुमार साहू ने कहा कि दोबारा मंण्डी शुल्क लागू होने से भ्रष्टाचार बढ़ेगा। मंडी शुल्क का दो तिहाई हिस्सा मंडी सचिव व कर्मचारियों की जेब में जाता है। ऐसे में हर हाल में मण्डी शुल्क समाप्त किया जाये। कहा कि अन्य राज्यों में मंण्डी शुल्क की व्यवस्था खत्म कर दिया गया है तो उत्तर प्रदेश में क्यों मंडी शुल्क लागू किया गया है। व्यापारी नेताओं ने कहा कि इसे खत्म नहीं किया गया तो व्यापारी आंदोलन करने के लिये मजबूर हो जायेंगे। पत्रक सौंपने वालों में फूलचन्द मद्धेशिया, सुधीर गुप्त, संजय गुप्ता, राहुल गुप्ता, पंकज गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, नासिर अहमद, विजय गुप्ता, किशन गुप्ता, आकाश गुप्ता समेत आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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