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Mau News: हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश
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मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद एक मामले में हत्या कर शव को ट्रक में छिपाने के मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश प्रभारी निरीक्षक जीआरपी को दिया। साथ ही एफआईआर की प्रति 24 घंटे के अंदर न्यायालय में प्रेषित कराने का आदेश दिया है। मामला जीआरपी थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के अमारी गांव निवासिनी इंद्रावती पत्नी स्व. बुद्धू राम ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। वादिनी का कथन था कि उसका लड़का विपिन से आरोपीगण हीरा यादव, मुकेश गुप्ता और विकास कुमार से पुरानी रंजिश थी। उसका लड़का जेल में था तो उक्त लोग उसे मारते-पीटते थे तथा जान से मारने की धमकी दिया करते थे।
आरोप है कि 22 नवंबर 22 की दोपहर में उसके लड़के विपिन की उक्त लोग साजिश के तहत उसकी हत्या कर शव को रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी ट्रक के आगे वाली केबिन में रख दिया। सीजेएम ने पीड़िता के अधिवक्ता विरेंद्र बहादुर पाल के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी को मामले की एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया तथा एफआईआर की प्रति 24 घंटे के अंदर कोर्ट में प्रेषित करने का आदेश दिया।
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मामले के अनुसार, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के अमारी गांव निवासिनी इंद्रावती पत्नी स्व. बुद्धू राम ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। वादिनी का कथन था कि उसका लड़का विपिन से आरोपीगण हीरा यादव, मुकेश गुप्ता और विकास कुमार से पुरानी रंजिश थी। उसका लड़का जेल में था तो उक्त लोग उसे मारते-पीटते थे तथा जान से मारने की धमकी दिया करते थे।
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आरोप है कि 22 नवंबर 22 की दोपहर में उसके लड़के विपिन की उक्त लोग साजिश के तहत उसकी हत्या कर शव को रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी ट्रक के आगे वाली केबिन में रख दिया। सीजेएम ने पीड़िता के अधिवक्ता विरेंद्र बहादुर पाल के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी को मामले की एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया तथा एफआईआर की प्रति 24 घंटे के अंदर कोर्ट में प्रेषित करने का आदेश दिया।
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