ओमप्रकाश राजभर ने कसा तंज: बोले- पहले मुझे ठीक से पढ़ लें, फिर करें सवाल-जवाब, सावधान यात्रा को बताया मकसद
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को मऊ में पार्टी की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक की।
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मऊ के हिंदी भवन में शुक्रवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने पार्टी की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक की। पार्टी की मजबूती के लिए नए पदाधिकारियों की घोषणा की। इसके बाद विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले वे ओमप्रकाश को ठीक से पढ़ लें, फिर सवाल-जवाब करें।
ओमप्रकाश राजभर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए पार्टी की मजबूती और सावधान यात्रा पर मंत्रणा की। कई सपा कार्यकर्ताओं ने सुभाससपा की सदस्यता ली। उन्होंने मंच से ही रामानंद को प्रदेश उपाध्यक्ष तथा गोरखपुर कोआर्डिनेटर, मारकंडेय राजभर को पूर्वांचल कमेटी का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया।
ओमप्रकाश ने कहा कि उनकी पार्टी केवल दलितों, शोषित, कमजोर तबके के लोगों के लिए कार्य कर रही है। पार्टी का मकसद केवल जनहित है। इसी उद्देश्य से बुंदेलखंड, पश्चिम, पूर्वांचल तथा मध्यांचल में सावधान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष बिच्छेलाल राजभर और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
राजभर बस्ती में ओमप्रकाश के प्रवेश निषेध के लगे बैनर-पोस्टर
वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित तिलई बुजुर्ग गांव के मुख्य मार्ग पर ‘सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का राजभर बस्ती में आना मना है’ लिखे बैनर गांव के कई स्थानों पर लगाया गया है। बैनर पर मनोज राजभर राष्ट्रीय अध्यक्ष जनमत मोर्चा भी लिखा है।
मनोज राजभर के साथ गांव की महिलाएं एवं पुरुषों ने आरोप लगाया कि ओमप्रकाश राजभर ने हमारा बहुत नुकसान किया है। उनकी प्रस्तावित सावधान यात्रा अतिपिछड़ों, राजभरों के विकास के लिए नहीं, बल्कि उनके निजी स्वार्थ के लिए है। मनोज ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर वोटों के सौदागर हैं। इसलिए उनका राजभर बस्ती में आना वर्जित किया गया है।
आरोप लगाया कि ओमप्रकाश ने रुपये लेकर टिकट दिया। कहा कि उनका 18 अक्तूबर को लाखीपुर गांव में प्रस्तावित कार्यक्रम फेल हो जाएगा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामसरीख राजभर कहते हैं कि वह बैनर का समर्थन नहीं करते लेकिन यह तो सही है कि ओमप्रकाश ने राजभर जाति का नुकसान किया है।
ओमप्रकाश राजभर बोले- लगने दीजिए, बैनर बहुत लगते हैं
पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि लगने दीजिए, बैनर तो बहुत लगते हैं। पुलिस खुद इसे खुद हटा देगी। सीएम से मुलाकात पर कहा कि हाईकोर्ट ने राजभर बिरादरी को अनुसूचित जाति में शामिल होने का आदेश दिया था। दो माह बीतने के बाद भी प्रस्ताव केंद्र को न भेजने पर मुख्यमंत्री से मिलकर इससे अवगत कराया है।