{"_id":"61c602e7bbc403580e1e0b57","slug":"not-giving-ration-to-the-poor-by-playing-units-mau-news-vns62978465","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूनिटों का खेल कर गरीबों को नहीं दे रहे राशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूनिटों का खेल कर गरीबों को नहीं दे रहे राशन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घोसी (मऊ)। भारत सरकार देश के सभी गरीबों को इस कोरोना महामारी के दौरान जीवन यापन करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को नि:शुल्क खाद्यान्न मुहैया करा रही है।वहीं कोटेदार यूनिटों का खेल कर गरीबों के राशन वितरण में धांधली कर रहे हैं। जिससे राशन कार्ड धारकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
जिस व्यक्ति का नाम राशन कार्ड से एक बार हट जा रहा है ।उसका नाम नेट पर चढ़ने के बाद पुन: तीन से छ माह तक राशन राशन कार्ड धारकों को नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही नाम कटने के बाद जोड़ने के नाम पर मुँह मांगी रकम वसूली जा रही है। जिससे राशन कार्ड धारक परेशान हैं। लोगों का कहना है कि आखिर बगैर किसी कारण के ही हर माह दस फीसदी राशन कार्ड धारकों के नाम नेट से कैसे विलोपित हो जा रह हैं। इसक बाद मुंह मांगी रकम देने पर नाम फिर से जुड़ जाते हैं। इसको लेकर बड़ागांव निवासिनी सुनीता मिश्रा का कहना है कि घोसी के कोटेदारों द्वारा खाद्यान्न वितरण के समय अक्सर बताया जाता है कि आप का नाम कट गया है और जोड़ने के नाम पर मुंह मांगी रकम वसूली जाती है। वहीं पट्टीमुहम्मद उर्फ काजीपुरा निवासिनी रानी कन्नौजिया ने बताया कि राशन कार्ड से नाम कटना आम बात हो गयी है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिस व्यक्ति का नाम राशन कार्ड से एक बार हट जा रहा है ।उसका नाम नेट पर चढ़ने के बाद पुन: तीन से छ माह तक राशन राशन कार्ड धारकों को नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही नाम कटने के बाद जोड़ने के नाम पर मुँह मांगी रकम वसूली जा रही है। जिससे राशन कार्ड धारक परेशान हैं। लोगों का कहना है कि आखिर बगैर किसी कारण के ही हर माह दस फीसदी राशन कार्ड धारकों के नाम नेट से कैसे विलोपित हो जा रह हैं। इसक बाद मुंह मांगी रकम देने पर नाम फिर से जुड़ जाते हैं। इसको लेकर बड़ागांव निवासिनी सुनीता मिश्रा का कहना है कि घोसी के कोटेदारों द्वारा खाद्यान्न वितरण के समय अक्सर बताया जाता है कि आप का नाम कट गया है और जोड़ने के नाम पर मुंह मांगी रकम वसूली जाती है। वहीं पट्टीमुहम्मद उर्फ काजीपुरा निवासिनी रानी कन्नौजिया ने बताया कि राशन कार्ड से नाम कटना आम बात हो गयी है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन