कोपागंज। कस्बा के 36 शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे तथा अल्ट्रासाउंउ की सुविधा ही नहीं है। अस्पताल आने वालेे गंभीर मरीजों का भगवान भरोसे इलाज हो रहा है। आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि यहां जांच के लिए भले ही एक्सरे मशीन न लगी हो लेकिन यहां वर्षो से एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती की जा चुकी है। मरीज परामर्श तो यहां कराते हैं लेकिन जांच बाहर से करानी होती है। वर्तमान में इस अस्पताल में दो महिलाओ सहित आठ डाक्टर, दो फार्मासिस्ट, तीन वार्ड ब्याय, पांच स्टाफ नर्स, एक एक्स रे टेक्नीशियन, स्वास्थकर्मी की तैनाती है। सुविधाओ के नाम पर न तो एक्सरे मशीन और न ही अल्ट्रासाउंड मशीन है। एक पैथॉलॉजी लैब है। जहां बुखार, गर्भवती की प्रसव संबंधित ही जांच होती है। जबकि अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 20 फीसदी से मरीज हड्डी रोग विशेषज्ञ से दिखाने के बाद बाहर से एक्सरे कराते हैं। चौकाने वाली बात है कि भले ही अस्पताल में एक्सरे मशीन इंस्ट्राल नहीं हुई है, लेकिन यहां वर्षो से एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती जरूर है। कस्बा के वीरेंद्र राजभर, रामशीष यादव, सुनील, राजेश चौरसिया का कहना है कि सुविधाओं की मांग को लेकर कई बार आला अधिकारियों से शिकायत कर चुके है। लेकिन समस्या के समाधान का प्रयास करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड व एक्स रे की सुविधा न होने के कारण आने वाले रोगियों को मुश्किले होती हैं। केंद्र पर एक्स-रे टेक्नीशियन तथा डार्क रूम सहायक की तैनाती है। तीन-तीन कर्मचारियों का हर माह वेतन तो दिया जाता है, लेकिन एक्सरे मशीन अभी तक नहीं लग पाई है।