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धूप में भी गलन से नहीं मिल रही राहत
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Fri, 16 Jan 2015 11:16 PM IST
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लोगों की उम्मीद के मुताबिक मकर संक्रांति के बाद धूप के दर्शन हुए, लेकिन गलन से राहत नहीं मिली। शुक्रवार को दोपहर तक कुहासा और धुंध रही। दोपहर बाद धूप तो निकली।
शाम होते ही ठंड ने फिर से लोगों को अपनी आगोश में इस कदर लिया कि लोग ठिठुरते और अलाव तापते नजर आए। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर लोग ठिठुरते नजर आए।
गलन में एकाक दिन कुछ कमी भले ही आ जा रही है, लेकिन गलन बढ़ते रहने से ठंड से राहत नहीं मिल रही है। इससे पहले बुधवार को तेज धूप हुई थी।
गुरुवार को दिन भर सूर्य के दर्शन तक नहीं हुए, यही नहीं शुक्रवार को भी दोपहर एक बजे तक मौसम में बादल छाए रहे और कोहरे का भी असर दिखा।
इसके चलते लोग सुबह से ही ठिठुरते नजर आए। दोपहर बाद कहीं कहीं धूप निकली भी लेकिन गलन से राहत नहीं मिली।
शाम होते होते गलन ने इस कदर असर दिखाया कि मौसम सामान्य होने की उम्मीदों पर लोगों के पानी फिर गया। जगह जगह लोग अलाव की व्यवस्था में जुट गए।
उधर, ट्रेन और बसों के इंतजार में लोग रात से लेकर सुबह तक ठिठुरते नजर आए। इन स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते यात्रियों का बुरा हाल है। वह अपने साथ कंबल और रजाई तक लेकर चलने को विवश हैं।
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शाम होते ही ठंड ने फिर से लोगों को अपनी आगोश में इस कदर लिया कि लोग ठिठुरते और अलाव तापते नजर आए। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर लोग ठिठुरते नजर आए।
गलन में एकाक दिन कुछ कमी भले ही आ जा रही है, लेकिन गलन बढ़ते रहने से ठंड से राहत नहीं मिल रही है। इससे पहले बुधवार को तेज धूप हुई थी।
गुरुवार को दिन भर सूर्य के दर्शन तक नहीं हुए, यही नहीं शुक्रवार को भी दोपहर एक बजे तक मौसम में बादल छाए रहे और कोहरे का भी असर दिखा।
इसके चलते लोग सुबह से ही ठिठुरते नजर आए। दोपहर बाद कहीं कहीं धूप निकली भी लेकिन गलन से राहत नहीं मिली।
शाम होते होते गलन ने इस कदर असर दिखाया कि मौसम सामान्य होने की उम्मीदों पर लोगों के पानी फिर गया। जगह जगह लोग अलाव की व्यवस्था में जुट गए।
उधर, ट्रेन और बसों के इंतजार में लोग रात से लेकर सुबह तक ठिठुरते नजर आए। इन स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते यात्रियों का बुरा हाल है। वह अपने साथ कंबल और रजाई तक लेकर चलने को विवश हैं।
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