{"_id":"62867094e71f1b57406861bd","slug":"news-mau-news-vns6544090169","type":"story","status":"publish","title_hn":"खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खबर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। सिविल कोर्ट में जारी चार दिवसीय पराविधिक स्वयं सेवकों (पीएलवी)का समापन बृहस्पतिवार को हुुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर जिला जज रामेश्वर ने कहा कि प्रशिक्षण में दी गई जानकारी दलित,वंचित,पिछड़े वर्गों को दी जाए। साथ ही योजनाओं का लाभ उन्हें कैसे मिलेगा इसके संबंध में प्रचार प्रसार कर अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करें। ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके। इ
एसडीएम सदर हेमंत कुमार ने तहसील में संचालित योजनाएं आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, ऑनलाइन खतौनी प्राप्त करने के बारे में जानकारी दी । साथ ही बाढ़, आग, चक्रवात, आंधी तूफान, नाव दुर्घटना, सीवर गैस रिसाव, भूकंप, सुनामी, लू प्रकोप, वन्य जीव आक्रमण जो दैवी आपदा के अंतर्गत आच्छादित होती है, से मृत्यु की दशा में मिलने वाली धनराशि तथा सांप काटने से होने वाली मृत्यु के पश्चात दिये जाने वाले अनुदान के संबंध में बताया। इसके अलावा कोरोना, बाढ़, सूखा, खेत की फसल नष्ट होने पर मिलने वाली अनुदान के संबंध में जानकारी दी। इसीक्रम में तहसीलदार सदर संजीव यादव ने राजस्व संहिता अधिनियम की धारा 2006 के संबंध में जानकारी दी। साथ ही वरासत/वसीयत के सम्बंध में जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी के पिता की मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में अविवाहित पुत्री,पुत्र तथा उसकी माता का हक होता है। मृत्यु प्रमाण पत्र तथा वसीयत कैसे लिखा जाता है, के बारे में बताया। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुज कुमार ने वृद्धावस्था पेंशन, सामूहिक विवाह योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, विधवा पेंशन योजना, शादी अनुदान तथा शासन द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आदि की जानकारी दी। स्थाई लोक अदालत के सदस्य अभिषेक कुमार गौरव ने स्थाई लोक अदालत एवं लोक अदालत में अंतर को बताया। प्राधिकरण के सचिव कुवंर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने प्रशिक्षण देने वाले सभी अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
विज्ञापन
एसडीएम सदर हेमंत कुमार ने तहसील में संचालित योजनाएं आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, ऑनलाइन खतौनी प्राप्त करने के बारे में जानकारी दी । साथ ही बाढ़, आग, चक्रवात, आंधी तूफान, नाव दुर्घटना, सीवर गैस रिसाव, भूकंप, सुनामी, लू प्रकोप, वन्य जीव आक्रमण जो दैवी आपदा के अंतर्गत आच्छादित होती है, से मृत्यु की दशा में मिलने वाली धनराशि तथा सांप काटने से होने वाली मृत्यु के पश्चात दिये जाने वाले अनुदान के संबंध में बताया। इसके अलावा कोरोना, बाढ़, सूखा, खेत की फसल नष्ट होने पर मिलने वाली अनुदान के संबंध में जानकारी दी। इसीक्रम में तहसीलदार सदर संजीव यादव ने राजस्व संहिता अधिनियम की धारा 2006 के संबंध में जानकारी दी। साथ ही वरासत/वसीयत के सम्बंध में जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी के पिता की मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में अविवाहित पुत्री,पुत्र तथा उसकी माता का हक होता है। मृत्यु प्रमाण पत्र तथा वसीयत कैसे लिखा जाता है, के बारे में बताया। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुज कुमार ने वृद्धावस्था पेंशन, सामूहिक विवाह योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, विधवा पेंशन योजना, शादी अनुदान तथा शासन द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आदि की जानकारी दी। स्थाई लोक अदालत के सदस्य अभिषेक कुमार गौरव ने स्थाई लोक अदालत एवं लोक अदालत में अंतर को बताया। प्राधिकरण के सचिव कुवंर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने प्रशिक्षण देने वाले सभी अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
विज्ञापन