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नगर पालिका ने डंपिंग ग्राउंड में कचरा निस्तारण प्लांट लगाने की शुरू की कवायद
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मऊ। आनन फानन में डंपिंग ग्राउंड की जगह चिह्नित कर वहां बिना बाउंड्रीवाल तथा कचरा निस्तारण प्लांट के कचरा डंप करने पर नगर पालिका के जिम्मेदारों की लापरवाही पर लोगों का विरोध मुखर हो गया है। अमर उजाला में इस खबर को प्रकाशित करने के बाद नगर पालिका के आला अधिकारियों ने अब रैनी में डंपिंग ग्राउंड पर कचरा निस्तारण प्लांट के साथ बाउंड्रीवाल कराने की कवायद तेज कर दी है। नगर पालिका ने इसकी जिम्मेदारी सीएनडीएस संस्था को सौंपी है। जहां गत दिवस कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने इसको लेकर सर्वे का कार्य भी किया है।
उम्मीद है कि जल्द ही इसको लेकर डीपीआर बनाने के बाद इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। हालांकि नगर पालिका के जिम्मेदारों को यह कार्य पहले ही करना था, लेकिन देर ही सही इस समस्या के निराकरण से आस पास के दस से ज्यादा गांवों के लोगों को खुले में डंप कचरे की समस्या से राहत मिलेगी।
नगर पालिका मऊ द्वारा नगर के 42 वार्डों से रोजाना निकलने वाले करीब 120 मीट्रिक टन कचरा को डंप करने के लिए तीन माह पूर्व ही नगर से सात किमी दूर रैनी में करीब 12 बीघा जमीन डपिंग ग्राउंड के रूप में चिह्नित कर बिना बाउंड्रीवॉल तथा कचरा निस्तारण प्लांट के बगैर ही यहां कचरा डंप किया जा रहा है। नगर पालिका के जिम्मेदारों की मानीटरिंग में उदासीनता तथा सफाई कर्मियों द्वारा लापरवाही बरतते हुए कचरा सड़क किनारे ही डंप किया जा रहा है।
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ऐसे में बिना बाउंड्री बाल के सड़क किनारे कचरों के ढेर के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कचरा सड़क किनारे डंप होने से मार्ग पर स्थित कासिमपुर आयुर्वेद अस्पताल, रैनी तथा कुर्थीजाफरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने जाने वाले मरीजों के साथ इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों के साथ आसपास के गांवों के लोगों को इससे परेशानी होती है।
अमर उजाला द्वारा लोगों की इस समस्या तथा नपा के जिम्मेदारों की इस लापरवाही को लेकर 6 अक्तूबर को लापरवाही: नगर का सैकड़ों टन कचरा बना ग्रामीणों का सिरदर्द शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। समाचार प्रकाशित होने तथा लोगों के विरोध को देखते हुए नगर पालिका के जिम्मेदारों द्वारा डंपिंग ग्राउंड पर कचरा निस्तारण प्लांट तथा बांउड्रीवाल कराने को लेकर कवायद तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि कचरा निस्तारण प्लांट बनने के बाद नगर पालिका की तरफ से शहर से निकलने वाले टनों कूड़े से जैविक खाद का निर्माण करेगा।
नगर पालिका के ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि शहर से निकलने वाले 120 टन कूड़े के निस्तारण के लिए नगर पालिका की कवायद तेज हो गई है। गीले, सूखे और अन्य कूड़े को उसके स्वरूप के अनुसार विभिन्न तरीके से निस्तारित किया जाना है। इसके लिए सीएनडीएन को जिम्मेदारी दी गई है। कुल 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव नगर पालिका द्वारा शासन को भेजा गया है। जल्द ही कूड़े के निस्तारण के लिए रैनी स्थित डंपिंग ग्राउंड पर प्लांट लगा दिया जाएगा।
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उम्मीद है कि जल्द ही इसको लेकर डीपीआर बनाने के बाद इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। हालांकि नगर पालिका के जिम्मेदारों को यह कार्य पहले ही करना था, लेकिन देर ही सही इस समस्या के निराकरण से आस पास के दस से ज्यादा गांवों के लोगों को खुले में डंप कचरे की समस्या से राहत मिलेगी।
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नगर पालिका मऊ द्वारा नगर के 42 वार्डों से रोजाना निकलने वाले करीब 120 मीट्रिक टन कचरा को डंप करने के लिए तीन माह पूर्व ही नगर से सात किमी दूर रैनी में करीब 12 बीघा जमीन डपिंग ग्राउंड के रूप में चिह्नित कर बिना बाउंड्रीवॉल तथा कचरा निस्तारण प्लांट के बगैर ही यहां कचरा डंप किया जा रहा है। नगर पालिका के जिम्मेदारों की मानीटरिंग में उदासीनता तथा सफाई कर्मियों द्वारा लापरवाही बरतते हुए कचरा सड़क किनारे ही डंप किया जा रहा है।
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ऐसे में बिना बाउंड्री बाल के सड़क किनारे कचरों के ढेर के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कचरा सड़क किनारे डंप होने से मार्ग पर स्थित कासिमपुर आयुर्वेद अस्पताल, रैनी तथा कुर्थीजाफरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने जाने वाले मरीजों के साथ इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों के साथ आसपास के गांवों के लोगों को इससे परेशानी होती है।
अमर उजाला द्वारा लोगों की इस समस्या तथा नपा के जिम्मेदारों की इस लापरवाही को लेकर 6 अक्तूबर को लापरवाही: नगर का सैकड़ों टन कचरा बना ग्रामीणों का सिरदर्द शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। समाचार प्रकाशित होने तथा लोगों के विरोध को देखते हुए नगर पालिका के जिम्मेदारों द्वारा डंपिंग ग्राउंड पर कचरा निस्तारण प्लांट तथा बांउड्रीवाल कराने को लेकर कवायद तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि कचरा निस्तारण प्लांट बनने के बाद नगर पालिका की तरफ से शहर से निकलने वाले टनों कूड़े से जैविक खाद का निर्माण करेगा।
नगर पालिका के ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि शहर से निकलने वाले 120 टन कूड़े के निस्तारण के लिए नगर पालिका की कवायद तेज हो गई है। गीले, सूखे और अन्य कूड़े को उसके स्वरूप के अनुसार विभिन्न तरीके से निस्तारित किया जाना है। इसके लिए सीएनडीएन को जिम्मेदारी दी गई है। कुल 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव नगर पालिका द्वारा शासन को भेजा गया है। जल्द ही कूड़े के निस्तारण के लिए रैनी स्थित डंपिंग ग्राउंड पर प्लांट लगा दिया जाएगा।