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मां-बेटी का आमरण अनशन
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Mon, 07 Dec 2015 11:47 PM IST
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गांव के दबंगों द्वारा किए गए जबरन कब्जे को हटाने की मांग को लेकर पिछले 19 दिनों से कलेक्ट्रेट पर मां के साथ धरना दे रही युवती ने प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा से निराश होकर सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के करपिया मलिक गांव की रहने वाली रंभा यादव ने जिलाधिकारी को लिखे गए अपने प्रार्थनापत्र में बताया है कि उसके दो भूमि खंडों पर गांव के दबंगों ने जबरन कब्जा कर लिया है।
कई बार के प्रार्थनापत्र देने पर भी जिम्मेदार प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। विवश होकर वह अपनी विधवा मां के साथ 18 नवंबर से धरने पर बैठी रही। लेकिन 19 दिनों में किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने उसकी सुधि नहीं ली है।
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इससे निराश होकर उसने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की इस उपेक्षा से लाचार वह तब तक आमरण अनशन पर बैठी रहेगी जब तक उसकी मांगेें पूरी नहीं हो जातीं।
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घोसी कोतवाली क्षेत्र के करपिया मलिक गांव की रहने वाली रंभा यादव ने जिलाधिकारी को लिखे गए अपने प्रार्थनापत्र में बताया है कि उसके दो भूमि खंडों पर गांव के दबंगों ने जबरन कब्जा कर लिया है।
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कई बार के प्रार्थनापत्र देने पर भी जिम्मेदार प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। विवश होकर वह अपनी विधवा मां के साथ 18 नवंबर से धरने पर बैठी रही। लेकिन 19 दिनों में किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने उसकी सुधि नहीं ली है।
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इससे निराश होकर उसने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की इस उपेक्षा से लाचार वह तब तक आमरण अनशन पर बैठी रहेगी जब तक उसकी मांगेें पूरी नहीं हो जातीं।