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डॉक्टरों की कमी से प्रभावित हो रही चिकित्सा सेवा
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जिला महिला अस्पताल का मुख्य भवन।संवाद
- फोटो : MAU
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जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से चिकित्सा सेवा प्रभावित हो रही है। दो प्रसूति व स्त्री रोग विशेषज्ञ और एक बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर के इस्तीफा देने के बाद जिला महिला अस्पताल संविदा चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है।
जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में 400 से 500 महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं। चिकित्सकों की कमी की वजह से मरीजों का इलाज करने का दबाव डाक्टरों पर अधिक है। महिला अस्पताल में चिकित्सकों के 29 पद स्वीकृत हैं जबकि महज आठ पदों पर ही तैनाती है। गत दिनों एक नियमित प्रसूति व स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के इस्तीफा देने के कारण चिकित्सा व्यवस्था काफी हद तक प्रभावित हो गई है। महिला मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में स्वीकृत चार स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की जगह वर्तमान में सिर्फ एक ही चिकित्सक हैं। वहीं एक संविदा आयुष चिकित्सक भी महिला मरीजों का इलाज कर रहे हैं। चिकित्सकों की कमी के बीच मरीजों की अधिक संख्या अस्पताल प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती के लिए सीएमएस के स्तर से शासन को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक कोई चिकित्सक नहीं मिला। जबकि संविदा चिकित्सकों का आना-जाना लगा रहता है।
ईएमओ के नौ पद वर्षों से खाली
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (ईएमओ) के नौ पद रिक्त होने के कारण इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था संचालित करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। जिला अस्पताल में तीन तथा महिला अस्पताल में छह ईएमओ के पद हैं। यह पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। इसकी वजह से विशेषज्ञ चिकित्सकों से ईएमओ का कार्य लिया जा रहा है। इससे न सिर्फ ओपीडी प्रभावित हो रही है बल्कि इन चिकित्सकों पर दोहरा बोझ पड़ रहा है।
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पिछले दिनों एक नियमित महिला चिकित्सक ने इस्तीफा दे दिया जिससे दिक्कत हो रही है। शासन को रिक्त पदों को भरने के संबंध में पत्र भेजा गया है। चिकित्सकों की तैनाती का प्रयास किया जा रहा है।-चंदा सिंहा, सीएमएस महिला अस्पताल, मऊ।
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जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में 400 से 500 महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं। चिकित्सकों की कमी की वजह से मरीजों का इलाज करने का दबाव डाक्टरों पर अधिक है। महिला अस्पताल में चिकित्सकों के 29 पद स्वीकृत हैं जबकि महज आठ पदों पर ही तैनाती है। गत दिनों एक नियमित प्रसूति व स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के इस्तीफा देने के कारण चिकित्सा व्यवस्था काफी हद तक प्रभावित हो गई है। महिला मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में स्वीकृत चार स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की जगह वर्तमान में सिर्फ एक ही चिकित्सक हैं। वहीं एक संविदा आयुष चिकित्सक भी महिला मरीजों का इलाज कर रहे हैं। चिकित्सकों की कमी के बीच मरीजों की अधिक संख्या अस्पताल प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती के लिए सीएमएस के स्तर से शासन को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक कोई चिकित्सक नहीं मिला। जबकि संविदा चिकित्सकों का आना-जाना लगा रहता है।
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ईएमओ के नौ पद वर्षों से खाली
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (ईएमओ) के नौ पद रिक्त होने के कारण इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था संचालित करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। जिला अस्पताल में तीन तथा महिला अस्पताल में छह ईएमओ के पद हैं। यह पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। इसकी वजह से विशेषज्ञ चिकित्सकों से ईएमओ का कार्य लिया जा रहा है। इससे न सिर्फ ओपीडी प्रभावित हो रही है बल्कि इन चिकित्सकों पर दोहरा बोझ पड़ रहा है।
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पिछले दिनों एक नियमित महिला चिकित्सक ने इस्तीफा दे दिया जिससे दिक्कत हो रही है। शासन को रिक्त पदों को भरने के संबंध में पत्र भेजा गया है। चिकित्सकों की तैनाती का प्रयास किया जा रहा है।-चंदा सिंहा, सीएमएस महिला अस्पताल, मऊ।