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नेशनल हाइवे दे रहा राहगीरों को बीमारियां

Fri, 15 Nov 2019 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2019 11:30 PM IST
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नगर के बढुआ गोदाम में वाराणसी-गोरखपुर नेशनल हाइवे की बदहाल सड़क, जमा गंदा पानी। - फोटो : MAU
मऊ। बेहतर यातायात के लिए नेशनल हाइवे 29 फोरलेन में तब्दील हो रहा। लेकिन निर्माण कार्य अभी अधूरा होने से परेशानी खड़ी हो रही। ऐसे में उड़ रही धूल और वाहनों के धुएं सांसों और आखों के लिए मुश्किकलें खड़ी कर रहे। जबकि सड़क पर हुए गड्ढे लोगों को स्पांडिलाइटिस की बीमारी में जकड़ रहे। सड़क बदहाल होने से एक ओर तो लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं तो दूसरी ओर वाहनों में डीजल अथवा पेट्रोल की खपत भी बढ़ा रहे हैं।
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जिले में दोहरीघाट से बढ़ुआ गोदाम के तक एनएच 29 बदहाल हो गई है। जनपद में फोरलेन की लंबाई 51 किलोमीटर है जबकि पुरानी हाइवे की लंबाई 47 किलोमीटर है। पुरानी सड़कों में बड़े-बड़े गढ्ढे हो गए हैं। बढुआगोदाम बाजार में तो हालत इतनी दयनीय हो गई है कि सड़क पता ही नहीं चल रही। दिखाई दे रहे हैं तो केवल गढ्ढे ही गढ्ढे। सड़क की गिट्टियां बिखरकर एक जगह इकट्ठा हो गई हैं। ऐसे में वाहनों से यह बिखर जा रही और हादसों का सबब बन रहीं। जबकि बरसात में इन गढ्ढों में पानी भर जाने से यह जानलेवा हो जा रहे। बाइक, साइकिल सवारो राहगीरों के लिए बढ़ुआगोदाम का यह हाइवे कष्टकारी है। इसकी मरम्मत के लिए बाजारवासी कई बार विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। ऐसे ही ताजोपुर से गाजीपुर तिराहा से बलिया मोड़ तक हाइवे में बड़े बड़े गढ़ढे बने हुए हैं। तमसा पुल पर सड़क के बीच में काफी दूरी तक गढ्ढे ही गढ्ढे ही दिख रहे है। बलिया मोड़, कोपागंज चुंगी से लेकर टड़ियांव तक हाइवे में गढ्ढे के चलते यातायात काफी दुरूह है। गढ़्ढों से बचने के लिए बाइक सवार अगल बगल से निकलने की कोशिश में दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में जहां वाहन खराब हो रहे तो वहीं डीजल अथवा पेट्रोल की खपत भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डा. सुबोध कुमार यादव कहते हैं कि सड़क में गढ्ढों के चलते लोगों में स्पांडिलाइटिस की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। जबकि वरिष्ठ फीजिशियन डा. योगेंद्र कुमार यादव कहते हैं कि खराब सड़क पर धूल और वाहनों से अधिक मात्रा में निकलने वाला धुआं लोगों को सांस और फेफड़ों की बीमारियां दे रहा। नेत्र सर्जन डा. एमके पांडेय कहते हैं कि हाइवे के गढ्ढों के चलते राहगीरों को आंखों की कई प्रकार की परेशानियां पैदा हो रहीं।
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