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लोक अदालत से समय व धन दोनों की बचत होती है
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मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को जिला जज रामेश्वर, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश आदिल अफताब अहमद, एडीजे बुद्धिसागर मिश्रा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुवंर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया।
इस मौके पर जिला जज रामेश्वर ने कहा कि लोक अदालत में मुकदमों के निस्तारण होने से न तो किसी की हार होती है, न ही किसी की जीत। क्योंकि इसमें जो भी मामला निस्तारित होता है पक्षकारों की सहमति और सुलह समझौते के आधार पर होता है। कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की न तो अपील होती है और न ही रिवीजन, मामला अंतिम रूप से निस्तारित हो जाता है। जिससे आम लोगों के समय के साथ ही धन की भी बचत होती है। साथ ही आपसी कटुता भी समाप्त हो जाती है।
जिला जज ने आम लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को निस्तारण कराए जाने पर बल दिया। इस दौरान परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश आदिल अफताब अहमद, वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण सुरेन्द्र प्रसाद यादव,एडीजे बुद्धिसागर मिश्रा, एडीजे आनंद प्रकाश सिंह, एडीजे दिनेश चौरसिया, एडीजे आसिफ इकबाल रिजवी, एडीजे रामराज, एडीजे पंकज मिश्रा, एडीजे शहीब जेहरा, सीजेएम फर्रूख ईनाम सिद्दीकी, सिविल जज सीनियर डिवीजन श्वेता चौधरी, सचिव कुवंर मित्रेश सिंह कुशवाहा,किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान न्यायाधीश प्रीति भूषण आदि लोग मौजूद रहे।
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नौ जोडे़ं साथ-साथ रहने को हुए राजी
मऊ। राष्ट्रीय लोक अदालत मे 40 पारिवारिक मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आदिल आफताब अहमद ने 19 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पंकज मिश्रा ने 10 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया।अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आनंद प्रकाश सिंह ने 11 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश आदिल आफताब अहमद, अपर न्यायाधीश आनंद प्रकाश सिंह, अपर न्यायाधीश पंकज मिश्रा, काउंसलर हुमा रिजवी, संजय दूबे के प्रयास से नौ जोडे़ं साथ साथ रहने को राजी हो गए।
अध्यापक की मृत्यु के मामले में दिलाया 75 लाख
मऊ। राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद यादव ने 17 मामलों का निस्तारण करते हुए एक करोड 48 लाख 43 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई । जिसमें मधुबन थाना क्षेत्र के गुलौरी खुर्द गांव निवासी रहे दुर्ग विजय यादव की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में चल रहा मुकदमा चंद्रशीला यादव बनाम बजाज एलियांज कंपनी लिमिटेड में 75 लाख रुपया क्षतिपूर्ति पीड़ित पक्ष को दिलाई गई। मृतक दुर्ग विजय यादव अध्यापक थे। यह मामला बजाज एलियांज जनरल इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बीमा अधिकारी कौशल किशोर मिश्र और अधिवक्ता दिलीप कुमार श्रीवास्तव के प्रयास से निस्तारित हुआ।
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इस मौके पर जिला जज रामेश्वर ने कहा कि लोक अदालत में मुकदमों के निस्तारण होने से न तो किसी की हार होती है, न ही किसी की जीत। क्योंकि इसमें जो भी मामला निस्तारित होता है पक्षकारों की सहमति और सुलह समझौते के आधार पर होता है। कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की न तो अपील होती है और न ही रिवीजन, मामला अंतिम रूप से निस्तारित हो जाता है। जिससे आम लोगों के समय के साथ ही धन की भी बचत होती है। साथ ही आपसी कटुता भी समाप्त हो जाती है।
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जिला जज ने आम लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को निस्तारण कराए जाने पर बल दिया। इस दौरान परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश आदिल अफताब अहमद, वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण सुरेन्द्र प्रसाद यादव,एडीजे बुद्धिसागर मिश्रा, एडीजे आनंद प्रकाश सिंह, एडीजे दिनेश चौरसिया, एडीजे आसिफ इकबाल रिजवी, एडीजे रामराज, एडीजे पंकज मिश्रा, एडीजे शहीब जेहरा, सीजेएम फर्रूख ईनाम सिद्दीकी, सिविल जज सीनियर डिवीजन श्वेता चौधरी, सचिव कुवंर मित्रेश सिंह कुशवाहा,किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान न्यायाधीश प्रीति भूषण आदि लोग मौजूद रहे।
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नौ जोडे़ं साथ-साथ रहने को हुए राजी
मऊ। राष्ट्रीय लोक अदालत मे 40 पारिवारिक मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आदिल आफताब अहमद ने 19 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पंकज मिश्रा ने 10 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया।अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आनंद प्रकाश सिंह ने 11 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश आदिल आफताब अहमद, अपर न्यायाधीश आनंद प्रकाश सिंह, अपर न्यायाधीश पंकज मिश्रा, काउंसलर हुमा रिजवी, संजय दूबे के प्रयास से नौ जोडे़ं साथ साथ रहने को राजी हो गए।
अध्यापक की मृत्यु के मामले में दिलाया 75 लाख
मऊ। राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद यादव ने 17 मामलों का निस्तारण करते हुए एक करोड 48 लाख 43 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई । जिसमें मधुबन थाना क्षेत्र के गुलौरी खुर्द गांव निवासी रहे दुर्ग विजय यादव की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में चल रहा मुकदमा चंद्रशीला यादव बनाम बजाज एलियांज कंपनी लिमिटेड में 75 लाख रुपया क्षतिपूर्ति पीड़ित पक्ष को दिलाई गई। मृतक दुर्ग विजय यादव अध्यापक थे। यह मामला बजाज एलियांज जनरल इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बीमा अधिकारी कौशल किशोर मिश्र और अधिवक्ता दिलीप कुमार श्रीवास्तव के प्रयास से निस्तारित हुआ।