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आरओबी के लिए जमीन की नापी
mau
Updated Thu, 24 May 2018 11:38 PM IST
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बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग के पास सिंधी कालोनी में ओवरब्रिज के लिए सड़क की नापी करते राजस्वकर्मी।
- फोटो : mau
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नगर के बाल निकेतन स्थित रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम से निजात के लिए आरओबी निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को अधिकारियों की संयुक्त टीम ने आरओबी निर्माण के लिए हिंदी भवन से लेकर कैलाशपुरी तक जमीन की नापी कराई। अमर उजाला ने रेलवे ओवर ब्रिज न होने से लोगों को होने वाली समस्या के बारे में लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। जिसका संज्ञान लेेते हुए प्रशासन और रेल विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए।
बाल निकेतन स्थित रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने से नगरवासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दिन भर में लगभग 50 से अधिक बार समपार बंद होता है। नगर का मुख्य संपर्क मार्ग होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। इसके चलते पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
रेल मंत्री के आश्वासन के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है। रेलवे की तरफ से वर्ष 2016-17 में ओवरब्रिज निर्माण कार्य के लिए बजट स्वीकृत कर दिया गया था। लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से तकनीकी समस्या का निस्तारण न होने से मामला अधर में लटक गया। ज्वलंत समस्याओं को लेकर अमर उजाला ने गत सोमवार से प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की जा रही है। खबरों को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग की आखिरकार नींद टूटी है।
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गत 22 मई को जिला प्रशासन तथा रेलवे सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम को 29 मई तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। ओवरब्रिज की कवायद तेज होने से नगरवासियों में खुशी है।
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बाल निकेतन स्थित रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने से नगरवासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दिन भर में लगभग 50 से अधिक बार समपार बंद होता है। नगर का मुख्य संपर्क मार्ग होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। इसके चलते पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
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रेल मंत्री के आश्वासन के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है। रेलवे की तरफ से वर्ष 2016-17 में ओवरब्रिज निर्माण कार्य के लिए बजट स्वीकृत कर दिया गया था। लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से तकनीकी समस्या का निस्तारण न होने से मामला अधर में लटक गया। ज्वलंत समस्याओं को लेकर अमर उजाला ने गत सोमवार से प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की जा रही है। खबरों को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग की आखिरकार नींद टूटी है।
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गत 22 मई को जिला प्रशासन तथा रेलवे सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम को 29 मई तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। ओवरब्रिज की कवायद तेज होने से नगरवासियों में खुशी है।