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2009 के बाद बने घर पर लगेगा लेबर टैक्स

Fri, 08 Apr 2022 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 11:06 PM IST
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Labor tax will be imposed on the house built after 2009
मऊ। जिले में श्रम विभाग की नई कवायद से श्रमिक कल्याण योजनाओं को जहां बल मिलेगा, वहीं 2009 के बाद बने नए भवन मालिकों की परेशानी बढ़ेगी। विभाग इन भवन मालिकों से लेबर टैक्स वसूल करने की कवायद में जुटा है। 25 लाख की आबादी वाले जिले में इस तरह की यह पहली कवायद है। टैक्स से मिली राशि से श्रमिक कल्याण की योजनाओं का संचालन होगा। सहायक श्रम आयुक्त प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार अब श्रमिकों के कल्याणार्थ योजनाओं के संचालन के लिए 2009 के बाद से निर्माण हुए मकान मालिकों के ऊपर लेबर टैक्स लगाने जा रही है। टैक्स के पीछे की मंशा सरकार किसी खास मकसद के लिए है, लेबर टैक्स को एक उपकर ही है जिसे श्रमिकों के कल्याण के लिए आयोजित योजनाओं के संचालन में किया जाएगा। प्रभात सिंह बताते है कि केंद्र सरकार ने 1999 में निर्माण श्रमिकों के लिए भवन एवं अन्य संनिर्माण एक्ट बनाया गया था। एक्ट के प्रर्वतन के लिए प्रदेश में भी एक्ट बना है। इसके तहत सरकारी कार्यालय या भवन बनने पर इस एक्ट के तहत एक फीसदी टैक्स जमा कराया जाता है। लेकिन निजी क्षेत्र के भवनों द्वारा अभी इसे नहीं दिया जाता है। बताया कि दस लाख कीमत तक बनने वाले भवन इस एक्ट की सीमा में नहीं आते है। इसे लागू करने के लिए जिला पंचायत और मजिस्ट्रेट के यहां से डाटा निकलवाया जा रहा है। सरकार द्वारा निर्धारित पीडब्ल्यूडी विभाग से रेट लिस्ट के अनुसार कैटेगरी के क्रम में प्राथमिकता देते हुए टैक्स लगाया जाएगा।
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