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नाविकों-गोताखोरों को अलर्ट रखें, संवेदनशील तटबंधों की हो मरम्मत : सीडीओ
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मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मंगलवार को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए जनपदीय स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बाढ़ बचाव की तैयारियों, संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत और राहत कार्यों के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं।
सीडीओ ने कहा कि आपदा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्थानीय नाविकों की सूची अपडेट करने और गोताखोरों को अलर्ट मोड पर रखने पर विशेष बल दिया।
कहा कि प्राथमिक उद्देश्य जन-धन की हानि को शून्य करना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और जमीनी स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करें।
मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया कि बाढ़ आने से पूर्व सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य तत्काल पूर्ण कर लिया जाए। सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर राहत केंद्रों का चिन्हांकन कर वहां पेयजल, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम, ओआरएस और संक्रामक रोगों से बचाव की दवाओं का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। पूर्ति विभाग को खाद्यान्न पैकेटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के लिए चारे और टीकाकरण की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि विस्थापन की स्थिति में पशुओं को समस्या न हो।
सीडीओ ने कहा कि बाढ़ से संबंधित सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए जनपद स्तर पर एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील रखा जाएगा।
बैठक में उपजिलाधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक में बाढ़ बचाव की तैयारियों, संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत और राहत कार्यों के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं।
सीडीओ ने कहा कि आपदा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्थानीय नाविकों की सूची अपडेट करने और गोताखोरों को अलर्ट मोड पर रखने पर विशेष बल दिया।
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कहा कि प्राथमिक उद्देश्य जन-धन की हानि को शून्य करना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और जमीनी स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करें।
मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया कि बाढ़ आने से पूर्व सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य तत्काल पूर्ण कर लिया जाए। सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर राहत केंद्रों का चिन्हांकन कर वहां पेयजल, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम, ओआरएस और संक्रामक रोगों से बचाव की दवाओं का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। पूर्ति विभाग को खाद्यान्न पैकेटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के लिए चारे और टीकाकरण की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि विस्थापन की स्थिति में पशुओं को समस्या न हो।
सीडीओ ने कहा कि बाढ़ से संबंधित सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए जनपद स्तर पर एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील रखा जाएगा।
बैठक में उपजिलाधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।