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मेगा लोक अदालत में न्यायमूर्ति ने कहा
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sat, 06 Dec 2014 10:54 PM IST
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सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन पर जिलाविधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान
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में दीवानी कचहरी में शनिवार को राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का आयोजन किया
गया।
मेगा लोक अदालत का शुभारंभ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति व जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति भारत भूषण, जिला जज सीएम दीक्षित व नोडल अधिकारी डा. दीपक स्वरूप सक्सेना ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से किया। संबोधन
में न्यायमूर्ति ने कहा कि लोक अदालतों के आयोजन से गंभीर मामलों के विचारण के लिए न्यायालयों को समय मिलेगा।
इस अवसर पर जिला जज सीएम दीक्षित ने प्रशासनिक न्यायाधीश का स्वागत करते कहा कि जिले में 72 हजार से ज्यादा मामलों के निस्तारण का भार 12 न्यायिक अधिकारियों पर है। आठ नए कोर्ट भवन बनकर तैयार है, जिसमें न्यायिक अधिकारियों की तैनाती से मामलों
के निस्तारण में तेजी आएगी। आगे कहा कि लोक अदालत में 14 हजार मामले निस्तारण के लिए लगाए गए है। सीआरओ गिरिजेश त्यागी ने कहा कि आम जनता को बिना मेहनत के न्याय मिल जाए, इसी उद्देश्य से लोक अदालत लगाई जाती है। बताया कि वर्ष 2004 तक पूरे प्रदेश
में दो लाख लोक अदालतों के माध्यम से डेढ़ करोड़ मुकदमों का निस्तारण हुआ। बार के अध्यक्ष फतेहबहादुर सिंह ने सुलह समझौता के आधार पर मुकदमों के निस्तारण पर बल दिया। संचालन प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज इंद्रप्रकाश ने किया। इस मौके पर एडीजे धर्मेंद्र कुमार
पांडेय, डा. अजय कुमार, एडीजे डा. दीपक स्वरुप सक्सेना, सीजेएम अली रजा, जेएम निर्भय प्रकाश, मुंसिफ राहूल दूबे, मुंसिफ मुहम्मदाबादगोहना अचल प्रताप सिंह,
अपर मुुंसिफ जयहिंद सिंह,अपर जेएम विनिता सिंह, एएसपी तेजस्वरूप सिंह, एसडीएम जगदंबा सिंह आदि मौजूद रहे।
मेगा लोक अदालत का शुभारंभ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति व जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति भारत भूषण, जिला जज सीएम दीक्षित व नोडल अधिकारी डा. दीपक स्वरूप सक्सेना ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से किया। संबोधन
में न्यायमूर्ति ने कहा कि लोक अदालतों के आयोजन से गंभीर मामलों के विचारण के लिए न्यायालयों को समय मिलेगा।
इस अवसर पर जिला जज सीएम दीक्षित ने प्रशासनिक न्यायाधीश का स्वागत करते कहा कि जिले में 72 हजार से ज्यादा मामलों के निस्तारण का भार 12 न्यायिक अधिकारियों पर है। आठ नए कोर्ट भवन बनकर तैयार है, जिसमें न्यायिक अधिकारियों की तैनाती से मामलों
के निस्तारण में तेजी आएगी। आगे कहा कि लोक अदालत में 14 हजार मामले निस्तारण के लिए लगाए गए है। सीआरओ गिरिजेश त्यागी ने कहा कि आम जनता को बिना मेहनत के न्याय मिल जाए, इसी उद्देश्य से लोक अदालत लगाई जाती है। बताया कि वर्ष 2004 तक पूरे प्रदेश
में दो लाख लोक अदालतों के माध्यम से डेढ़ करोड़ मुकदमों का निस्तारण हुआ। बार के अध्यक्ष फतेहबहादुर सिंह ने सुलह समझौता के आधार पर मुकदमों के निस्तारण पर बल दिया। संचालन प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज इंद्रप्रकाश ने किया। इस मौके पर एडीजे धर्मेंद्र कुमार
पांडेय, डा. अजय कुमार, एडीजे डा. दीपक स्वरुप सक्सेना, सीजेएम अली रजा, जेएम निर्भय प्रकाश, मुंसिफ राहूल दूबे, मुंसिफ मुहम्मदाबादगोहना अचल प्रताप सिंह,
अपर मुुंसिफ जयहिंद सिंह,अपर जेएम विनिता सिंह, एएसपी तेजस्वरूप सिंह, एसडीएम जगदंबा सिंह आदि मौजूद रहे।