फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Janaushadhi centers not opened at 10 community health centers

Mau News: 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं खुले जनऔषधि केंद्र

Tue, 21 May 2024 01:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 01:35 AM IST
विज्ञापन
Janaushadhi centers not opened at 10 community health centers
मऊ। जनपद के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जनऔषधि केंद्र अभी तक नहीं खोले गए हैं। इन सीएचसी के बाहर निजी मेडिकल स्टोरों की भरमार है। अस्पताल में दवा नहीं मिलने पर मरीज और उनके तिमारदार बाहर से दवा लेने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जाने थे, लेकिन जिला अस्पताल व महिला अस्पताल को छोड़ कर 10 सीएचसी में से किसी में यह केंद्र नहीं खोले गए। अब तक किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इसकी स्थापना नहीं हो सकी है। जिसके चलते अस्पताल में सरकारी दवा की उपलब्धता नहीं होने पर मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे दाम पर दवाईयां खरीदनी पड़ रही है। जिले में 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों की ओपीडी प्रतिदिन लगभग 200 की है। लोगों को सस्ती दवा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने का आदेश दिया था। जिसके बाद जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र खोले गए। वर्तमान में शहर में पांच, घोसी में दो, नदवासराय एक, कोपागंज में तीन, रनतपुरा में एक और पहसा में एक सहित 17 जन औषधि केंद्र जिले में संचालित हैं। इनमें से दो के अलावा लेकिन जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल के अलावा किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जन औषधि केंद्र नहीं खोले गए न ही आसपास। विभाग ने आज तक किसी भी सीएचसी पर इन केंद्रों को खोलने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर निजी मेडिकल स्टोरों की भरमार है। जन औषधि केंद्रों पर करीब 600 तरह की जेनरिक दवाईयों के साथ ही सर्जिकल सामान की भी उपलब्धता रहती है। जो कि निजी मेडिकल स्टोरों पर मिलने वाली दवाईयों व सामानों से सस्ते होते हैं। उद्देश्य यही था कि सरकारी आपूर्ति में दवाओं की कमी होने पर मरीजों को केंद्रों से सस्ती दवा उपलब्ध हो सके। लेकिन जिम्मेदारों ने सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोलवाने की कवायद नहीं की।
विज्ञापन


---------------

कोट-

जनऔषधि केंद्र खोलने का निर्धारण पीएमवाई एजेंसी की ओर से सर्वे के बाद किया जाता है। इससे स्वास्थ्य विभाग का कोई लेना देना नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को सभी आवश्यक दवाईयां दी जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


- नंद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी, मऊ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed