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Mau News: सिल्ट सफाई में सी श्रेणी आने पर सहायक अभियंता सिंचाई का रोका वेतन
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मऊ। सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्राप्त रैंकिंग एवं ग्रेडिंग के आधार पर जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। सिल्ट सफाई में त्रुटि पूर्ण फीडिंग के कारण सी श्रेणी आने पर जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता सिंचाई विभाग का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की समीक्षा के दौरान जनपद की खराब रैंकिंग पर जिलाधिकारी ने अनावश्यक एमओयू की फीडिंग के संबंध में मुख्यालय से संपर्क कर डाटा डिलीट करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान भवन निर्माण, सड़क निर्माण में अपेक्षित सुधार न होने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को कड़ी फटकार लगाई।
केंद्रीय ड्रग वेयरहाउस में दवाओं की उपलब्धता के बावजूद सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओर से दवाओं की उठान न करने का मामले में मुख्य विकास अधिकारी को जांचकर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पंचायती राज विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान 15वें वित्त आयोग एवं पांचवें राज्य वित्त आयोग की ओर से व्यय धनराशि का प्रतिशत कम होने पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को परियोजना वार कार्यों में तेजी लाते हुए उपलब्ध धनराशि का समुचित उपयोग करने के निर्देश दिया।
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व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की समीक्षा के दौरान अभी भी लगभग 5000 व्यक्तिगत शौचालयों की जियो टैगिंग न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। नगरीय क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प के तहत कराए जाने वाले शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि अगर किसी भी विभाग में संचालित किसी योजना में लगातार तीन महीने तक खराब रैंकिंग आती है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की समीक्षा के दौरान जनपद की खराब रैंकिंग पर जिलाधिकारी ने अनावश्यक एमओयू की फीडिंग के संबंध में मुख्यालय से संपर्क कर डाटा डिलीट करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान भवन निर्माण, सड़क निर्माण में अपेक्षित सुधार न होने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को कड़ी फटकार लगाई।
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केंद्रीय ड्रग वेयरहाउस में दवाओं की उपलब्धता के बावजूद सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओर से दवाओं की उठान न करने का मामले में मुख्य विकास अधिकारी को जांचकर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पंचायती राज विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान 15वें वित्त आयोग एवं पांचवें राज्य वित्त आयोग की ओर से व्यय धनराशि का प्रतिशत कम होने पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को परियोजना वार कार्यों में तेजी लाते हुए उपलब्ध धनराशि का समुचित उपयोग करने के निर्देश दिया।
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व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की समीक्षा के दौरान अभी भी लगभग 5000 व्यक्तिगत शौचालयों की जियो टैगिंग न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। नगरीय क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प के तहत कराए जाने वाले शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि अगर किसी भी विभाग में संचालित किसी योजना में लगातार तीन महीने तक खराब रैंकिंग आती है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।