{"_id":"60e497718ebc3ebf5409bf2e","slug":"innovative-initiatives-47-district-level-officers-will-adopt-47-malnourished-children-mau-news-vns5990341135","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिनव पहल:47 अतिकुपोषित बच्चों को गोद लेंगे 47 जनपदस्तरीय अधिकारी:","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभिनव पहल:47 अतिकुपोषित बच्चों को गोद लेंगे 47 जनपदस्तरीय अधिकारी:
विज्ञापन
मऊ। सरकार की तरफ से बच्चों में कुपोषण की दर में कमी लाने के लिए अभिनव पहल की शुरू ही गई है। अतिकुपोषित नौनिहालों को कुपोषण से उबारने के लिए जिलास्तरीय अधिकारी आगे आए हैं। नौनिहालों का भविष्य संवारने के लिए जिलाधिकारी समेत 47 जिलास्तरीय अधिकारी एक-एक गांव में एक-एक अतिकुपोषित बच्चे को गोद लेंगे। अधिकारियों के आगे आने से जहां नौनिहालों को बेहतर सुविधा मिलेगी, वहीं उनकी सेहत और सुविधा में सुधार होगा।
जिले में 2587 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से 24 जून तक मनाए गए वजन सप्ताह के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष के बच्चों के लिए गए वजन के आधार पर करीब 4,000 अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया। कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए जिला प्रशासन ने अभिनव पहल शुरू किया है। अधिकारी कुपोषित बच्चे के घर जाकर कुपोषण की वजह पता करेंगे। ,
बच्चे के माता पिता को सरकार की तरफ से चलाई जा रही आवास, शौचालय, पुष्टाहार सहित तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। समय-समय पर बच्चे का वजन, खान पान आदि की मानीटरिंग करने के साथ ही लोगों को जागरुक करेंगे। ताकि कुपोषण की समस्या से निजात मिल सके। योजना को धरातल पर वास्तविक रुप से उतारा गया तो कुपोषित बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए अन्य लोग भी प्रेरित हो सकते हैं। इस बाबत जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार का कहना है कि बच्चों में कुपोषण की दर में कमी लाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
विज्ञापन
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
अधिकारियों द्वारा गोद लिए जाने के लिए अत्यंत गरीब अतिकुपोषित बच्चों का चयन किया गया है। इसके तहत जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उपायुक्त श्रम व रोजगार, सहायक निदेशक बचत, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, जिलापूर्ति अधिकारी, सहायक आयुक्त वाणिज्य कर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित 47 जिलास्तरीय अधिकारियों को एक-एक गांव के एक-एक अतिकुपोषित बच्चे को गोद लेकर सुपोषित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
जिले में 2587 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से 24 जून तक मनाए गए वजन सप्ताह के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष के बच्चों के लिए गए वजन के आधार पर करीब 4,000 अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया। कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए जिला प्रशासन ने अभिनव पहल शुरू किया है। अधिकारी कुपोषित बच्चे के घर जाकर कुपोषण की वजह पता करेंगे। ,
विज्ञापन
बच्चे के माता पिता को सरकार की तरफ से चलाई जा रही आवास, शौचालय, पुष्टाहार सहित तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। समय-समय पर बच्चे का वजन, खान पान आदि की मानीटरिंग करने के साथ ही लोगों को जागरुक करेंगे। ताकि कुपोषण की समस्या से निजात मिल सके। योजना को धरातल पर वास्तविक रुप से उतारा गया तो कुपोषित बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए अन्य लोग भी प्रेरित हो सकते हैं। इस बाबत जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार का कहना है कि बच्चों में कुपोषण की दर में कमी लाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
विज्ञापन
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
अधिकारियों द्वारा गोद लिए जाने के लिए अत्यंत गरीब अतिकुपोषित बच्चों का चयन किया गया है। इसके तहत जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उपायुक्त श्रम व रोजगार, सहायक निदेशक बचत, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, जिलापूर्ति अधिकारी, सहायक आयुक्त वाणिज्य कर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित 47 जिलास्तरीय अधिकारियों को एक-एक गांव के एक-एक अतिकुपोषित बच्चे को गोद लेकर सुपोषित करने की जिम्मेदारी दी गई है।