Mau: खेलने के दौरान बाढ़ के पानी में फिसल कर गिरा मासूम, डूबने से मौत, बेटे का शव देख मां चीख पड़ी
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से मऊ जिले के कई गांव बाढ़ की चपेट में है। बुधवार शाम दुबारी क्षेत्र के चक्की मुसाडोही गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से मासूम की मौत हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से मऊ जिले के कई गांव बाढ़ की चपेट में है। बुधवार शाम दुबारी क्षेत्र के चक्की मुसाडोही गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से मासूम की मौत हो गई। उसका शव घर के बाहर कुछ दूरी पर बाढ़ में उतराया हुआ मिला। बेटे का शव पानी में उतराया देख मां चीख पड़ी। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी मिली।
जानकारी के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र का चक्की मुसाडोही गांव बाढ़ग्रस्त ग्राम पंचायत है। वर्तमान में यहां सरयू नदी का जलस्तर बढ़ जाने से यह टापू में तब्दील हो गया है। बुधवा शाम इसी गांव के राजाराम का पुरवा निवासी रामसरन की पत्नी चंद्रकला अपने एक वर्ष के पुत्र आर्यस को चारपाई पर सुलाकर घर के अंदर खाना बनाने चली गई।
करीब आधे घंटे बाद जब बाहर आई तो चारपाई पर आर्यस को न पाकर काफी परेशान हुई और उसकी खोजबीन में जुट गई। घर से कुछ दूरी पर आर्यस का शव पानी में उतराया हुआ मिला। घटना के समय रामसरन और उसका तीन वर्षीय पुत्र घर पर मौजूद नहीं थे। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि चारपाई से आर्यस नीचे गिर गया, जिससे उसकी नींद टूटने के बाद वह खेलते-खेलते घर के बाहर लगे पानी में चला गया। जहां गहरे पानी में चले जाने से उसकी मौत हो गई।
सरयू नदी खतरा निशान से एक मीटर ऊपर
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से दो तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जिले में खतरा निशान 69.90 मीटर है। नदी खतरा बिंदु से 1.10 मीटर ऊपर बह रही है।
नदी में बाढ़ के दबाव से दोहरीघाट नगर की सुरक्षा के लिए रखे बोल्डर खिसकने से ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। दोहरीघाट कस्बे के तीन मुहल्लों में बाढ़ का पानी घुस जाने से जहां हड़कंप मच गया है।
वहीं तटवर्ती इलाकों में जलमग्न हजारों एकड़ फसल के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की तरफ से पर्याप्त नाव की व्यवस्था न होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ रहा है। सब कुछ जानकर आला अधिकारी दिशा निर्देश-जारी कर इतिश्री कर दे रहे हैं। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से दोहरीघाट क्षेत्र तथा मधुबन तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों के लोग नदी के रौद्र रुप को देखकर सहम गए हैं