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40 दिनों में जनपद को ओडीएफ करना मुश्किल
mau
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:40 PM IST
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शौचालय
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दो अक्तूबर को जनपद ओडीएफ घोषित किया जाना है। जिलेभर में दो लाख 42 हजार शौचालय बनाए जाने हैं। इनमें से एक लाख 97 हजार शौचालय बनाए जा चुके हैं। अभी भी 47 हजार से अधिक शौचालय बनने हैं। लेकिन 40 दिन में इनका बनना मुश्किल दिखाई पड़ रहा है। सबसे अधिक बड़रांव और कोपागंज ब्लाकों में शौचालय बनाए जाने हैं। बडरांव में 8502 और कोपागंज में 8370 शौचालय बनने हैं। घाघरा नदी के तटवर्ती गांवों में इन दिनों बाढ़ का पानी भरा हुआ है। यह पानी सितंबर से पहले निकलने वाला ही नहीं है। इन परिस्थितियों में दो अक्तूबर को समूचे जिले को ओडीएफ घोषित कर पाना असंभव दिख रहा है। वहीं इसके मद में आने वाली धनराशि भी अधिकांश लाभार्थियों को अभी तक नहीं मिली है।
जिले में दो लाख 42 हजार 287 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है। वर्ष 2012 में 53 हजार 570 परिवारों के पास शौचालय की सुविधा थी। दो अक्तूबर 2014 के बाद राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण पर जोर दिया गया। 2014 से पहले प्रत्येक शौचालय के लिए लाभार्थियों को 4600 रुपये मिलते थे। लेकिन वर्ष 2014 के बाद अनुदान की राशि 12 हजार रुपये कर दी गई। ब्लाकवार लाभार्थियों का चयन किया गया। बड़रावं ब्लाक के लिए 32 हजार 142 , देेहरीघाट ब्लाक के लिए 26 हजार 169 , फतेहपुर मंडाव के लिए 35 हजार 438, घोसी के लिए 16000, कोपागंज 35999, मुहम्मदाबाद गोहना के लिए 28 934, परदहा के लिए 19762, रानीपुर 26837 और रतनपुरा के लिए 21 हजार शौचालयों की धनराशि स्वीकृत की गई थी। चार सालों से सभी गांवों के सभी परिवारों में शौचालय निर्माण करा देने की कवायद सरकार की ओर से की जा रही है।
जिलाधिकारी शौचालयों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा रोजाना शाम को अपने आवास पर करते हैं। ग्राम प्रधानों से लेकर सेक्रेटरियों और खंड विकास अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदारियां दी गई हैं। लेकिन काफी प्रयास के बाद अब तक 45 हजार 273 परिवार शौचालय विहीन हैं। इनमें से सबसे अधिक बड़रांव ब्लाक में 8502 शौचालय तथा कोपागंज 8370 शौचालय बनने हैं। फतेहपुर मंडाव ब्लाक के नदी के तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया है। इस क्षेत्र में 15 जून से पहले शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया जाना था। इस ब्लाक में अभी 5711 शौचालयों का निर्माण अधूरा है। इन परिस्थितियों में ऐसा नहीं लगता कि अब से महज 40 दिनों में ये सारे शौचालय बना दिए जाएंगे।
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जिले में दो लाख 42 हजार 287 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है। वर्ष 2012 में 53 हजार 570 परिवारों के पास शौचालय की सुविधा थी। दो अक्तूबर 2014 के बाद राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण पर जोर दिया गया। 2014 से पहले प्रत्येक शौचालय के लिए लाभार्थियों को 4600 रुपये मिलते थे। लेकिन वर्ष 2014 के बाद अनुदान की राशि 12 हजार रुपये कर दी गई। ब्लाकवार लाभार्थियों का चयन किया गया। बड़रावं ब्लाक के लिए 32 हजार 142 , देेहरीघाट ब्लाक के लिए 26 हजार 169 , फतेहपुर मंडाव के लिए 35 हजार 438, घोसी के लिए 16000, कोपागंज 35999, मुहम्मदाबाद गोहना के लिए 28 934, परदहा के लिए 19762, रानीपुर 26837 और रतनपुरा के लिए 21 हजार शौचालयों की धनराशि स्वीकृत की गई थी। चार सालों से सभी गांवों के सभी परिवारों में शौचालय निर्माण करा देने की कवायद सरकार की ओर से की जा रही है।
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जिलाधिकारी शौचालयों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा रोजाना शाम को अपने आवास पर करते हैं। ग्राम प्रधानों से लेकर सेक्रेटरियों और खंड विकास अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदारियां दी गई हैं। लेकिन काफी प्रयास के बाद अब तक 45 हजार 273 परिवार शौचालय विहीन हैं। इनमें से सबसे अधिक बड़रांव ब्लाक में 8502 शौचालय तथा कोपागंज 8370 शौचालय बनने हैं। फतेहपुर मंडाव ब्लाक के नदी के तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया है। इस क्षेत्र में 15 जून से पहले शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया जाना था। इस ब्लाक में अभी 5711 शौचालयों का निर्माण अधूरा है। इन परिस्थितियों में ऐसा नहीं लगता कि अब से महज 40 दिनों में ये सारे शौचालय बना दिए जाएंगे।
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